दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट में माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम, स्पेशल सेल ने पन्नू के 3 गुर्गों को दबोचा
स्पेशल सेल ने दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट में माहौल बिगाड़ने और मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी नारे लिखने की साजिश ...और पढ़ें

दिलजीत दोसांझ का दिल्ली कान्सर्ट, फोटो-दैनिक जागरण
HighLights
दिलजीत कॉन्सर्ट में माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम।
मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी नारे लिखने वाले पकड़े गए।
एक महिला सहित तीन आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मशहूर पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कान्सर्ट के दौरान माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने और खालिस्तान समर्थक एजेंडे को हवा देने की आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की बड़ी साजिश को स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है।
जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर खालिस्तान और एसएफजे के समर्थन में विवादास्पद नारे लिखने के मामले में सेल ने तीन आरोपित को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में महिला भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। इन सभी को विदेश में छिपे खालिस्तानी आकाओं द्वारा पैसे का लालच देकर दिल्ली भेजा गया था। पहली बार पन्नू ने महिला स्लीपर सेल का इस्तेमाल किया।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि 29 और 30 अक्टूबर की रात दो प्रमुख मेट्रो स्टेशन को निशाना बनाया गया। जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन (गेट नं-एक) के फर्श पर देशविरोधी नारे लिखे गए।
कॉन्सर्ट के दौरान शांति भंग करने का था प्लान
शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन (गेट नं-दो) पर सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर नारे लिखे गए। आरोपितों ने अंग्रेजी में लिखा था दिलजीत सिंह काॅम डी गद्दार खून डी बदला एसएफजे खालिस्तान। इस नारे का सीधा मकसद प्रतिबंधित संगठन ''सिख फॉर जस्टिस'' का प्रचार करना और कॉन्सर्ट के दौरान शांति भंग करना था।
एसीपी राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और इंस्पेक्टर परवीन कुमार की टीम ने दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस सबसे पहले पानीपत से मुख्य आरोपित तक पहुंची, जिसके बाद पंजाब में छापेमारी कर दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार किए गए सुमित उर्फ रफ्तार, पानीपत का रहने वाला है वह पहले कंटेंट क्रिएटर था। सुमित कुमार उर्फ काका, डेरा बाबा नानक, गुरदासपुर का रहने वाला है और इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता था। गुरप्रीत भी होशियारपुर का रहने वाला है।
पूछताछ में मुख्य आरोपित सुमित कुमार उर्फ काका ने बताया कि वह पंजाब में खालिस्तानी समर्थकों के संपर्क में आया था। उसे एक मैसेजिंग एप डाउनलोड करने को कहा गया, जिसके ज़रिए एसएफजे के विदेश में छिपे आका उसे नारे लिखने के डिजाइन और अन्य सामान भेजा था।
देशविरोधी नारे के बदले पैसे देने का वादा
दिल्ली में सरकारी संपत्तियों पर देशविरोधी नारे लिखने और उनका वीडियो बनाकर भेजने के बदले उसे भारी धनराशि देने का वादा किया गया था। सुमित (काका) ने अपनी साथी गुरप्रीत को दिल्ली में शापिंग कराने का झांसा देकर साथ लाया था, लेकिन दिल्ली पहुंचने पर उसे इस साजिश में शामिल कर लिया गया।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग एफआइआर दर्ज की हैं। एक आजादपुर मेट्रो और एक नेताजी सुभाष प्लेस मेट्रो थाने में आरोपियों पर दिल्ली प्रिवेंशन आफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रापर्टी एक्ट, 2007 और मेट्रो रेलवे एक्ट, 2002 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्पेशल सेल कई बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है, जिनमें एसएफजे के मुख्य हैंडलर की पहचान, फंडिंग नेटवर्क और पैसों के लेन-देन के स्रोतों का पता लगाना, समयपुर बादली मेट्रो स्टेशन पर लिले गए इसी तरह के नारे में आरोपितों की संलिप्तता आदि की जांच शामिल हैं।
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