विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Helicopter Crash: पड़ोसी का दर्द छलका, बोले- जिंदादिल इंसान थे पायलट हिमांशु; कर्नल कहकर बुलाते थे लोग

Published: Sat, 31 Oct 2026 12:28 AM (IST)

जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट हिमांशु सभरवाल को उनके पड़ोसी राकेश ग्रोवर ने रौबदार और जिंदादिल इंसान ...और पढ़ें

जोशीमठ में हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश। फोटो: वीडियो ग्रैब

जोशीमठ में हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश। फोटो: वीडियो ग्रैब

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। जोशीमठ में हुए हेलीकाप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट हिमांशु सभरवाल को उनके पड़ोसी राकेश ग्रोवर ने रौबदार और जिंदादिल इंसान बताया। उन्होंने कहा कि हिमांशु जब भी उनसे मिलते थे, माहौल खुशनुमा हो जाता था।

भले ही वह महीने में एक-आध बार ही शालीमार बाग आते थे, लेकिन उनसे हर मुलाकात यादगार रहती थी। हादसे में उनके निधन की खबर सुनकर मन बेहद दुखी है।

बीएम-71, वेस्ट शालीमार बाग निवासी बिल्डर राकेश ग्रोवर ने बताया कि हिमांशु के माता-पिता पिछले करीब 35 वर्षों से बीएम-65 में रह रहे हैं। परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता व छोटे भाई कुणाल सभरवाल दिल्ली में हैं।

कुणाल सभरवाल पेशे से अधिवक्ता हैं और दक्षिणी दिल्ली में रहते हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद हिमांशु के माता-पिता शालीमार बाग स्थित अपने घर से छोटे बेटे कुणाल के पास चले गए हैं। ग्रोवर के मुताबिक, हिमांशु के माता-पिता को एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से भी बुलाया गया है।

pilot helicpoter

पायलट हिमांशु का घर। फोटो: जागरण 

कर्नल के नाम से जाने जाते थे हिमांशु

राकेश ग्रोवर ने बताया कि हिमांशु के पिता अक्सर उनके बेटे के सेना से जुड़े अनुभवों का जिक्र करते थे। उन्होंने बताया था कि हिमांशु पहले सेना में रहे थे और कैंट में सीओ के पद पर भी तैनात रहे थे।

यही वजह थी कि इलाके में लोग उन्हें कर्नल के नाम से भी जानते थे। ग्रोवर के अनुसार, जब भी हिमांशु शालीमार बाग आते थे, उनके साथ सेना की गाड़ी होती थी।

गाड़ी के साथ चार-पांच जवान और अधिकारी भी आते थे, जो घर के बाहर ही मौजूद रहते थे। उनके व्यक्तित्व और रौबदार अंदाज की वजह से उनकी अलग पहचान थी।

rakesh grover

राकेश ग्रोवर

घर के बाहर छाया सन्नाटा

मृतक हिमांशु के भाई कुणाल सभरवाल से फोन पर संपर्क किया तो वह कुछ भी बोल पाने की हालत में नहीं थे। शुक्रवार रात को पायलट के घर के बाहर सन्नाटा छाया हुआ था। पड़ोस में रह रहे लोगों को जैसे ही घटना का पता चल रहा था सब हैरान थे।

यह भी पढ़ें- हेलीकॉप्टर क्रैशः बदरीनाथ दर्शनों के बाद माणा के धार्मिक स्थलों का दीदार करने भी गए थे कर्नाटक के पांचों यात्री

यह भी पढ़ें- बदरीनाथ हेलीकॉप्टर क्रैशः भालू की दहाड़ और खराब मौसम ने रोका रेस्क्यू ऑपरेशन, आधे रास्ते से टीमें लौटीं वापस

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।