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'आतंकियों के निशाने पर था लाल मंदिर, चांदनी चौक में ट्रैफिक के कारण बदला प्लान'; NIA की चार्जशीट में खुलासा

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:36 AM (IST)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है, ...और पढ़ें

दिल्ली लाल किया ब्लास्ट मामला। जागरण

दिल्ली लाल किया ब्लास्ट मामला। जागरण

HighLights

  1. एनआईए ने लाल किले विस्फोट मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।

  2. चांदनी चौक स्थित 'लाल मंदिर' था हमलावरों का मूल लक्ष्य।

  3. यातायात के कारण हमलावर को अपनी योजना बदलनी पड़ी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले साल लाल किले के पास हुए विस्फोट के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (ANI) द्वारा अदालत में दाखिल किए गए आरोप पत्र के अनुसार, पिछले साल 10 नवंबर को हुए इस वाहन-जनित आईईडी (VBIED) हमले का पहला मुख्य निशाना चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक 'लाल मंदिर' था।

उमर-उन-नबी ने बदला था प्लान 

एनआईए की जांच में सामने आया कि विस्फोट से ठीक 13 मिनट पहले हमलावर उमर-उन-नबी ने आई-20 कार को लाल मंदिर के समीप पार्क करने की कोशिश की थी। हालांकि, इलाके में भारी यातायात और पुलिस की सख्त मौजूदगी के चलते वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका और उसे मजबूरी में अपना रास्ता बदलना पड़ा।

हमलावर ने लिया था टू-टर्न

सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि शाम 6:37 बजे संदिग्ध कार को लाल मंदिर के पास देखा गया था। पार्क करने में असफल रहने पर हमलावर ने गाड़ी को यू-टर्न लिया और लाल किले के गेट नंबर 4 की ओर बढ़ा। इसके बाद शाम ठीक 6:50 बजे कार में रखे विस्फोटक में विस्फोट कर दिया गया।

एनआईए के आरोपपत्र में दिल्ली में हुए इस पहले वाहन-जनित आतंकी हमले की साजिश और योजना का विस्तृत ब्योरा दर्ज है। एजेंसी के मुताबिक, हमलावर ने सुरक्षाकर्मियों की सजगता के कारण ऐन वक्त पर अपना ठिकाना बदला था।

लाखों रुपये का हुआ था नुकसान

वहीं, NIA की जांच रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी में हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हुए थे। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले से आसपास की संपत्तियों को करीब 17.7 लाख रुपये का नुकसान होना बताया गया है।

उमर-उन-नबी को को बताया इंचार्ज

लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार विस्फोट मामले में एनआईए ने आरोपपत्र में आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी को अंसार गजवात-उल-हिंद के पुनर्जीवित आतंकी मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, नबी वर्ष 2022 की शुरुआत से निष्क्रिय पड़े आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने और देश में आतंकी हमलों की साजिश को आगे बढ़ाने में जुटा था।

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