नमो भारत कॉरिडोर के पास बनेंगे रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और ऑफिस, सराय काले खां से मेरठ तक NCRTC का बड़ा प्लान
एनसीआरटीसी और एनसीआरपीबी नमो भारत कारिडोर के आसपास सुनियोजित शहरी विकास और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) ग्रोथ हब विकसित कर रहे हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते डीडीए उपाध्यक्ष एन सरवण कुमार। सौजन्य : एनसीआरटीसी
HighLights
नमो भारत कारिडोर पर TOD ग्रोथ हब विकास।
सराय काले खां बनेगा प्रमुख वाणिज्यिक और रोजगार केंद्र।
निजी निवेश आकर्षित करने के लिए कार्यशाला आयोजित।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। नमो भारत कॉरिडोर के आसपास सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) ग्रोथ हब विकसित करने की संभावनाएं तलाश रहा है।
इसके तहत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के परिचालित कॉरिडोर के अलावा प्रस्तावित दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर के आसपास व्यावसायिक, आवासीय और संस्थागत विकास की योजना है।
निजी निवेश आकर्षित करने पर चर्चा
इस संबंध में एनसीआरटीसी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) ने संयुक्त रूप से परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इसमें प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर, वैश्विक सलाहकार कंपनियों और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत और नियामक ढांचे पर विचार किया गया।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राजधानी विकास विभाग की सचिव डी. तारा, एनसीआरपीबी के सदस्य सचिव गुलज़ार नटराजन और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने भी कार्यशाला में भाग लिया।
उन्होंने इस दिशा में सरकार द्वारा की गई पहलों और ऐसे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की भावी रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल भी मौजूद रहे।
डेवलपरों ने रखीं कई मांगें
डेवलपरों ने परियोजनाओं को व्यावहारिक बनाने के लिए उच्च फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर), अधिक ग्राउंड कवरेज, भूमि उपयोग में लचीलापन, मंजूरी की प्रक्रिया सरल करने और सिंगल विंडो क्लीयरेंस की मांग की। साथ ही भूमि एकत्रीकरण, सरकारी जमीन के मुद्रीकरण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी चर्चा हुई।
सराय काले खां बनेगा प्रमुख ग्रोथ हब
इस पहल में सराय काले खां को प्रमुख ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की संभावना है। यहां नमो भारत, दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) की कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
इसका लाभ उठाकर क्षेत्र को व्यावसायिक, खुदरा और संस्थागत गतिविधियों के साथ रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
स्टेशनों के आसपास बनेंगे सघन शहरी केंद्र
टीओडी के तहत स्टेशनों के आसपास ऐसे सघन शहरी केंद्र विकसित करने की परिकल्पना है, जहां आवास, कार्यालय, बाजार और जरूरी सुविधाएं पांच से दस मिनट की पैदल दूरी पर उपलब्ध हों। गाजियाबाद, दुहाई और मेरठ में भी ऐसी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
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