Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    World No-Tobacco Day: दिल्ली में 26 प्रतिशत पुरुष करते हैं तंबाकू का सेवन,महिलाओं के आंकड़े देख नहीं होगा यकीन

    राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि डेढ़ दशक में दिल्ली में तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या करीब एक तिहाई कम हुई है। फिर भी 15 से 49 वर्ष की उम्र के एक चौथाई से ज्यादा पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं।

    By Jagran NewsEdited By: Narender SanwariyaUpdated: Wed, 31 May 2023 05:50 AM (IST)
    Hero Image
    World No-Tobacco Day: दिल्ली में 26 प्रतिशत पुरुष करते हैं तंबाकू का सेवन, महिलाओं के आंकड़े देख नहीं होगा यकीन

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। कैंसर, सीओपीडी (क्रोनिक पल्मोनरी आब्सट्रक्टिव डिजीज), हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का एक बड़ा कारण तंबाकू व धुमपान का सेवन है। इसलिए डाक्टर कहते हैं कि तंबाकू मौत का कारण बनता है। इसलिए तंबाकू व धुमपान का सेवन जितना जल्दी छोड़ दिया जाए उतना ही कैंसर, सीओपीडी हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा कम होता है। इससे उन बीमारियों के कारण होने वाली मौत का खतरा भी कम होता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस बीच राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि डेढ़ दशक में दिल्ली में तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या करीब एक तिहाई कम हुई है। फिर भी 15 से 49 वर्ष की उम्र के एक चौथाई से ज्यादा पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। वर्ष 2005-06 में हुए तीसरे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के दौरान दिल्ली में 40 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते थे।

    वहीं वर्ष 2019-21 के दौरान हुए पांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार दिल्ली में 26.3 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि तंबाकू का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या घटी है। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डा. विकास मौर्या ने कहा कि पहले के मुकाबले लोगों में थोड़ी जागरूकता बढ़ी है।

    सिगरेट के पाकेट पर छपे चेतावनी संदेश और कैंसर ट्यूमर के चित्र को देखकर लोग थोड़े सतर्क हुए हैं लेकिन तंबाकू की रोकथाम के लिए अभी ज्यादा प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। धुमपान करने से सांस की नली में सूजन होती है और सीओपीडी का कारण बनता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, कैंसर व धमनियों में ब्लाकेज होने का कारण बनता है।

    मैक्स अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञ डा. पीके जुलका ने बताया कि तंबाकू व धुमपान के इस्तेमाल से मुंह व फेफड़े का कैंसर तो होता ही है, शरीर के अन्य हिस्सों में ही यह कैंसर का कारण बनता है। डाक्टर बताते हैं कि तंबाकू देश में हर वर्ष करीब 13.5 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है। इसलिए लोगों को तंबाकू के सेवन से परहेज करना चाहिए।

    2 प्रतिशत महिलाएं करती हैं तंबाकू का सेवन

    दिल्ली में वर्ष 2015-16 की तुलना में तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं की संख्या थोड़ी बढ़ी है। दिल्ली में करीब 2.2 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं।