World Food Safety Day: मिर्च पाउडर से लेकर दूध-घी तक, आसान तरीकों से घर पर जांचें इन खाद्य पदार्थों की शुद्धता
इस दिन को विशेष महत्व दिए जाने के पीछे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ आंकड़े पेश किए हैं जो आपको भी चौंका सकते हैं। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के अनुसार हर दिन औसतन 16 लाख लोग दूषित खाने की वजह से बीमार पड़ते हैं।
नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। आज यानी 7 जून 2023 को पूरा विश्व पांचवां वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मना रहा है। यह दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि खाने में मौजूद गड़बड़ियों, उसे जुड़े खतरे दूर किए जा सकें और खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ताकि आर्थिक, कृषि उत्पादों और टूरिज्म आदि के सतत विकास में मदद होती रहे।
क्या कहते हैं WHO के आंकड़े
इस दिन को विशेष महत्व दिए जाने के पीछे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ आंकड़े पेश किए हैं जो आपको भी चौंका सकते हैं। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के अनुसार हर दिन औसतन 16 लाख लोग दूषित खाने की वजह से बीमार पड़ते हैं।
पांच साल से कम उम्र के औसतन 340 बच्चे हर दिन दूषित खाने से होने वाली बीमारी से मरते हैं। वहीं दूषित खाने से होने वाली बीमारियों की बात करें तो इनकी संख्या 200 तक है और यह डायरिया से लेकर कैंसर तक हैं।
ऐसे जांचे खाद्य पदार्थ असली है या नकली
ऐसे में स्वच्छ और बिना मिलावट वाले खाने की क्या अहमियत होती है यह बताने की जरूरत नहीं है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर हम आपके लिए ऐसी जानकारी लाएं हैं जिससे आप घर बैठे ही अपने खाद्य पदार्थ में मिलावट तो नहीं है ये जान सकेंगे।
आईआईटी कानपुर की डॉ. अनुपमा सिंह और डॉ. मानविका सहगल के लेख 'खाद्य अपमिश्रण जांच के आसान परीक्षण' में बताया है कि कैसे मिर्च पाउडर से लेकर मक्खन घी तक की जांच घर पर की जा सकती है।
खाद्य पदार्थ का नाम | मिलावटी पदार्थ का नाम | जांच का तरीका |
मिर्च पाउडर | बालू या ईंट का चूर्ण | एक चम्मच मिर्च पाउडर को पानी भरे ग्लास में डालें। पानी रंगीन हो जाता है, तो मिर्च पाउडर मिलावटी है। उसमें ईंट या बालू का चूर्ण होगा, तो वह पेंदी में बैठ जाएगा। अगर सफेद रंग का झाग दिखे, तो उसमें सेलखड़ी की मिलावट है। |
मावा | स्टार्च | मावा में स्टार्च मिला है या नहीं ये जानने के लिए थोड़ा सा मावा पानी में मिलाकर मिश्रण को उबालें। फिर इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर उबाल के बाद नीले रंग की परत दिखे तो यह साफ है कि इसमें स्टार्च मिला हुआ है। |
खाने का तेल | अर्जीमोन की मिलावट | थोड़ा सा तेल लें और उसमें सांद्र नाइट्रिक एसिड मिलाकर मिश्रण को खूब हिलाएं। कुछ देर बाद अगर एसिड की परत में लाल-भूरे रंग की परत दिखाई दे, तो यह समझ लेना चाहिए कि तेल में आर्जीमोन तेल मिला हुआ है। |
हल्दी | रंग | एक परखनली लें उसमें एक चम्मच हल्दी डालने के बाद उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें। रंग बैंगनी दिखता है और मिश्रण में पानी डालने पर यह रंग गायब हो जाता है, तो हल्दी असली है। लेकिन रंग बना रहता है, तो वह मिलावटी हल्दी है। |
चांदी का वर्क | एल्युमिनियम | चांदी के वर्क को जलाने पर वह छोटी गेंद बन जाती है। यदि उसमें मिलावट है तो वह जलकर ग्रे रंग की हो जाती है। |
चावल | रंग | चावल को दोनों हाथों के बीच रगड़ें रंग मिला होगा तो हाथ पीला हो जाएगा। इसके साथ ही चावल को पानी में डालकर अगर इसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदें डालेंगे तो पानी का रंग बैंगनी हो जाएगा, जिसका मतलब है कि उसमें पीला रंग मिला है। |
आटा | फीका स्वाद | मिलावटी आटे की रोटियां हमेशा फीकी होती हैं। इसके उलट आटा गूंथने में ज्यादा पानी लगे और मुलायम व मीठी रोटियां बनें तो इसका मतलब है कि आटा शुद्ध है। |
सरसों | अर्जीमोन | सरसों के बीज चिकने होते हैं। वहीं अर्जीमोन की सतह खुरदरी होती है और ये काले भी होते हैं। तो इन्हें आसानी से अलग किया जा सकता है। |
चाय-पत्ती | रंग | चाय-पत्ती की जांच के लिए एक चिनी मिट्टी का बरतन या शीशे का प्लेट लेकर उस पर नींबू का रस डालें और फिर थोड़ी सी चाय-पत्ती लेकर उस पर डाल दें। अगर नींबू का रस नारंगी या दूसरे रंग का हो जाए तो वो मिलावटी है। अगर चाय-पत्ती असली है तो हरा मिश्रित पीला रंग दिखेगा। |
नमक | रेत/मिट्टी | थोड़ा सा नमक लेकर कांच के साफ गिलास में पानी लेकर घोल लें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें ताकि वह स्थिर हो जाए। इसके बाद यदि गिलास की तली में रेत या मिट्टी बैठ जाए तो समझ लेना चाहिए कि नमक में मिलावट है। |
हींग | शुद्ध हींग को जलाने पर जो लौ निकलती है वह बहुत चमकीली होती है। वहीं पानी में दोने पर पानी दूधिया रंग का भी हो जाता है। | |
मक्खन या घी | वनस्पति घी | एक चम्मच चीनी और हाइड्रोक्लोरिक एसिड(10 सीसी) मिलाएं फिर इसी में 10 सीसी घी या मक्खन मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और ये लाल हो गया तो समझना चाहिए कि घी या मक्खन मिलावटी है। |
कॉफी | खजूर/इमली के बीज | कॉफी पाउडर को गीले ब्लॉटिंग पेपर पर छिड़क लें इसके उपर पोटेशियम हाइड्रोक्साइड की कुछ बूंदे डालें अगर कॉफी के आस-पास उसका रंग भूरा हो जाए मान लें कि उसमें मिलावट है। |
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