Lok Sabha Election 2019: क्या फरीदाबाद सीट पर बदलेगा कांग्रेस का प्रत्याशी?
पार्टी टिकट से वंचित नेता अवतार भड़ाना महेंद्र प्रताप सिंह करण सिंह दलाल सहित यशपाल नागर को उम्मीद है कि आलाकमान टिकट में बदलाव कर सकता है।
फरीदाबाद [बिजेंद्र बंसल]। कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर ने अपने नामांकन की तारीख 19 से 22 अप्रैल क्या की, पार्टी के वंचित टिकटार्थियों ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है। बेशक पार्टी के घोषित प्रत्याशी नागर अपने चुनाव प्रचार में डटे हैं, मगर पार्टी टिकट से वंचित नेता अवतार भड़ाना, महेंद्र प्रताप सिंह, करण सिंह दलाल सहित यशपाल नागर को उम्मीद है कि आलाकमान टिकट में बदलाव कर सकता है। फिलहाल टिकट से वंचित नेता अधिकृत रूप से कुछ नहीं कह रहे हैं, मगर अपने राजनीतिक आकाओं के पास उनकी आवाजाही और तेज हो गई है।
खुद ललित नागर इस बात से इनकार कर चुके हैं कि पार्टी आलाकमान उनके टिकट में कोई बदलाव कर रहा है मगर फरीदाबाद से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के साथ जजपा और आम आदमी पार्टी के महागठबंधन के कयास के चलते भी यह अाशा व्यक्त की जा रही है कि इस सीट को महागठबंधन में समायोजित किया जा सकता है, लेकिन AAP ने फरीदाबाद से नवीन जयहिंद को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पूर्व सांसद अवतार भड़ाना अभी भी कांग्रेस मुख्यालय से लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के पास अपने टिकट के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान को आधार बना रहे हैं नेता
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 14 अप्रैल को पलवल के गांव औरंगाबाद में भाजपा की एक सभा में कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर के टिकट को लेकर सीधे रॉबर्ट वाड्रा पर निशाना साधा था। मनोहर लाल ने यहां तक कहा था कि कांग्रेस के दामाद ने अपने दलाल के भाई को प्रत्याशी बनवाया है। मुख्यमंत्री के इस बयान के पीछे तर्क था कि कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर के भाई महेश नागर रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त करते रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने बीकानेर जमीन घोटाले में ललित नागर और महेश नागर के निवास पर दो बार छापे भी मारे थे।
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