नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली नगर निगम 2022 चुनाव (Municipal Corporation of Delhi Election 2022) से ठीक एक साल पहले बुधवार को 5 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा को झटका दिया है। दिल्ली नगर निगम के 5 वार्ड उपचुनावों में सत्तासीन आम आदमी पार्टी ने चार और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। वहीं, लगातार कई सालों से दिल्ली के तीनों नगर निगमों में काबिज भारतीय जनता पार्टी ने अपनी वर्तमान सीट पर गवां दी है, जबकि बाकी सीटों पर हार-जीत का अंतर भी ज्यादा रहा। चौधरी बांगर वार्ड चुनाव के नतीजे तो हैरान करने वाले हैं, यहां पर भाजपा प्रत्याशी को मात्र 105 वोट ही मिला है।

त्रिलोकपुरी वार्ड ः इस वार्ड से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार विजय कुमार ने 4986 वोट से जीत दर्ज की है। इस पर विजय कुमार को कुल 12845 मिली हैं। वहीं, दूसरी ओर दूसरे स्थान पर रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ओम प्रकाश को 7859 वोट मिले हैं।

रोहिणी-C : बाहरी दिल्ली की ही रोहिणी-C सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र 2985 वोट से जीते हैं। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामचंद्र को 14,388 वोट मिले हैं। भारतीय जनता के उम्मीदवार राकेश को 11,343 वोट मिले हैं।

MCD By Election Result 2021: बाहरी दिल्ली से जीते रामचंद्र तो पूर्वी दिल्ली में हार गए सिया राम

कल्याणपुरी वार्ड: इस सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार धीरेंद्र कुमार ने 7043 वोट से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 14302 वोट मिले हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा उम्मीदवार सिया राम को 7259 हासिल हुए हैं।

LIVE MCD By Election Result 2021: भाजपा का नहीं खुला खाता, AAP ने जीती चार सीटें; कांग्रेस ने AAP प्रत्याशी का हराया

शालीमार बाग नॉर्थ : बाहरी दिल्ली के इस वार्ड से आम आदमी उम्मीदवार सुनिता मिश्रा ने 2705 वोट से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल वोट 9764 हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रहे BJP उम्मीदवार सुरभि जाजू को 7059 वोट मिले है।

चौधरी बांगर वार्ड : पूर्वी दिल्ली की चौहान बांगड़ सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार जुबैर अहमद विजयी हुए हैं। जुबैर अहमद इस सीट से10,642 वोट से जीते हैं। यहां पर कांग्रेस उम्मीदवार को कुल 16,203 वोट मिले हैं, जबकि दूसरे नंबर पर रहे आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इशराक को 5561 वोट मिले हैं।

ये भी पढ़ेंः MCD By Election Result 2021: कार्यकर्ताओं से बोले सीएम केजरीवाल, अगले साल निगम में AAP का होगा कब्जा

अगले वर्ष होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले पांच वार्डों में हुए उपचुनाव में भाजपा, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के लिए अपनी सियासी ताकत दिखाने का मौका मिली, जिसमें भाजपा चूक गई। इस उपचुनाव को अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव के मुख्य मुकाबले के लिए सेमीफाइनल कहा जा रहा है।। भाजपा ने इसे ध्यान में रखकर ही रणनीति तैयार की थी।

भाजपा ने दी थी नेताओं को अहम जिम्मेदारी

उपचुनाव के मद्देनजर भाजपा ने विधायकों व प्रदेश महामंत्रियों को अलग-अलग वार्ड की जिम्मेदारी दी थी। इस कड़ी में विधायक अजय महावर को चौहान बांगर, विधायक अभय वर्मा को कल्याणपुरी, विधायक जितेंद्र महाजन को त्रिलोकपुरी पूर्व, प्रदेश महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह को रोहिणी सी और प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा शालीमार बाग उत्तर वार्ड का चुनाव प्रभारी बनाया गया था।

दूसरे वार्डों से भेजे गए थे नेता

चुनाव प्रचार के लिए प्रत्येक वार्ड में दूसरे वार्डों से नेताओं की टीम भेजी गई थी। इनमें पदाधिकारियों के साथ ही अलग-अलग वर्ग से संबंधित नेता शामिल थे। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भी चुनाव प्रचार कर रहे थे।

निगम फंड को बनाया गया था मुद्दा

स्थानीय मुद्दों के साथ ही भाजपा ने दिल्ली के मुद्दे भी जोरशोर से उठाए थे। निगमों का बकाया फंड मुख्य मुद्दा था। कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क के दौरान लोगों को यह विस्तार से बताने को कहा गया था कि किस तरह से बकाया फंड नहीं मिलने से निगम का काम बाधित हो रहा है। कृषि कानूनों के विरोध की आड़ में गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की सड़कों और लाल किले में किए गए उत्पात को भी मुद्दा बनाया गया था।

ये भी पढ़ेंः दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में खाता नहीं खुलने पर पढ़ें भाजपा की पहली प्रतिक्रिया

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप