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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान, लगाई न्याय की गुहार

By AgencyEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Mon, 24 Apr 2023 01:31 PM (IST)

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। विनेश ...और पढ़ें

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान

नई दिल्ली, एएनआई। भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देश के नामी पहलवानों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। ताजा मामले में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठीं महिला पहलवान विनेश फोगट (Vinesh Phogat) और सात अन्य पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

साथ ही यह भी कहा गया है कि 21 अप्रैल को दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में शिकायत देने के बावजूद मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, "अभी शिकायत किए हुए 48 घंटे से ज्यादा हो गया मगर अभी तक मामले की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस बार के धरना प्रदर्शन में सभी दलों का स्वागत है। कोई भी पार्टी (भाजपा, कांग्रेस, AAP) आए, सभी का स्वागत है।

वहीं, इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच पुलिस ने उनकी(प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की) शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस संबंध में खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट भी मांगी है।

इससे पहले रविवार को राजनीति से प्रेरित होकर धरना देने के सवालों के जवाब में विनेश ने कहा था कि हम भारत की कुश्ती को बचाने आए हैं। हमे कोई रजनीति नहीं करनी है। वहीं, साक्षी ने कहा था कि यह कोई आम बात नहीं है कि किसी पर यौन शोषण के आरोप लगाए जा रहे हैं और तीन महीने से सिर्फ जांच ही चल रही है। दो दिन में इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। बता दें कि सात मई को कुश्ती संघ के चुनाव होने है। ऐसे में इससे 15 दिन पहले पहलवानों का धरने पर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पहलवान उनके विरोध को राजनीतिक चश्मे न देखने की अपील कर रहे हैं।