कभी नहीं किया UPI का इस्तेमाल, फिर भी खाते से निकले करीब 25 लाख; राष्ट्रपति भवन में काम करता है पीड़ित
दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के एक कर्मचारी और उनकी पत्नी के खाते से 24.40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने कभी UPI का इस्तेमाल नहीं किया था। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया कि उन्हें इस बात का पता तब चला जब वे पासबुक अपडेट कराने बैंक गए थे।
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। आजकल साइबर अपराधरी नए से नए तरीके निकाल लोगों को ठगने की फिराक में लगे रहते हैं। कई मामलों में लालच में आकर तो कहीं डराकर लोगों से ठगी की जा रही है, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी हैं जिसमें पीड़ितों के अकाउंट से जालसाज पैसे उड़ा लेते हैं और उन्हें महीनों तक पता भी नहीं चलता है।
ऐसा ही एक मामला राष्ट्रपति भवन में चीफ हाउस होल्ड अटेंडेंट पद पर कार्यरत बुजुर्ग के साथ सामने आया है, जिसमें उनके और उनकी पत्नी के अकाउंट से जालसाजों ने 24.40 लाख की ठगी कर डाली। इस बात का पता तब चला जब पीड़ित अपनी पत्नी की पासबुक अपडेट कराने राष्ट्रपति भवन स्थित पीएनबी के ब्रांच आफिस पहुंचे थे।
तब उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी के खाते से 18.35 लाख और उनके अकाउंट से 6 लाख 5 हजार रुपये गायब हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि बुजुर्ग दंपती ने अपने मोबाइल फोन में कोई यूपीआई ऐप व बैंकिंग ऐप डाउनलोड नहीं की है और न ही कभी यूपीआई का इस्तेमाल किया है।
फिर भी यूपीआई की मदद से ठगों ने दोनों के अकाउंट से 24.40 लाख उड़ा लिए। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ठगी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 60 वर्षीय सुरेन्द्र कुमार अपने परिवार के साथ टाइप-2/63 शेड्यूल बी, प्रेसिडेंट एस्टेट राष्ट्रपति भवन में रहते हैं। वह राष्ट्रपति भवन में चीफ हाउस होल्ड अटेंडेंट पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी गीता और उनका राष्ट्रपति परिसर स्थित पीएनबी ब्रांच में अकाउंट है।
वह पीएनबी की ब्रांच में पत्नी गीता का पासबुक अपडेट कराने गए थे। वहां पर खाते पर प्रिंट होने पर पता चला कि उनकी पत्नी के अकाउंट से 18.35 लाख रुपये गायब हैं। यह भी पता चला कि उनकी पत्नी के अकाउंट से बीते वर्ष 19 दिसंबर से ही यूपीआई के माध्यम से हर दिन एक-एक लाख रुपये निकाले गए।
जब उन्होंने अपना अकाउंट चेक किया तो पता चला कि उनके अकाउंट से भी 6 लाख 5 हजार रुपये गायब थे। उनके खाते से 25 फरवरी से हर दिन एक-एक लाख रुपये ट्रांजेक्शन किए गए। इन ट्रांजेक्शन का उनके पास कोई मैसेज भी नहीं आया।
जबकि दोनों अकाउंट में सुरेन्द्र कुमार का मोबाइल नंबर दिया गया है। बैंक अधिकारियों से पीड़ित ने पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि यह पैसे यूपीआई के माध्यम से निकाले गए हैं। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।
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