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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस छात्रा पर अभिजीत ने किया था आपत्तिजनक ट्वीट, ट्वीटर अकाउंट सस्पेंड

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 24 May 2017 12:29 PM (IST)Updated: Thu, 25 May 2017 07:10 AM (IST)

जेएनयू की छात्रा शेहला राशिद सुर्खियों में तब आई थीं जब जेएनयू में अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम में भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाए गए थे।

इस छात्रा पर अभिजीत ने किया था आपत्तिजनक ट्वीट, ट्वीटर अकाउंट सस्पेंड
इस छात्रा पर अभिजीत ने किया था आपत्तिजनक ट्वीट, ट्वीटर अकाउंट सस्पेंड

नई दिल्ली (जेएनएन)। लगातार अपने विवादित बयानों व ट्वीट्स की वजह से चर्चा में रहने वाले बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य का अकाउंट ट्विटर ने आखिरकार निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। अभिजीत ने जवाहर लाल विश्वविद्यालय की छात्रा और पूर्व जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला राशिद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल का इस्तेमाल किया था। अब अभिजीत के ट्विटर हैंडल पर मैसेज लिखा है- अकाउंट सस्पेंड।

जेएनयू की छात्र नेता शहला रशीद को लेकर गायक अभिजीत ने यह विवादास्पद ट्वीट पिछले दिनों किया था। इसको लेकर अभिजीत की जमकर आलोचना हो रही थी।

जेएनयू की उपाध्यक्ष रह चुकीं शहला रशीद ने मध्यप्रदेश में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पकड़े गए भाजपा नेताओं की एक खबर का लिंक ट्विटर पर शेयर किया था। सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पकड़े गए भाजपा नेताओं के बारे में लिखना अभिजीत को नागवार गुजरा और उन्होंने इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए शहला पर आपत्तिजनक ट्वीट किया।

वहीं, स्वराज इंडिया के सदस्य और मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर बॉलीवुड सिंगर अभिजीत पर निशाना साधा है। प्रशांत भूषण ने ट्विटर पर अभिजीत को गालियां बकने वाला सांप्रदायिक ठग बताया है।

जानें कौन हैं शेहला राशिद

जेएनयू की छात्रा शेहला राशिद सुर्खियों में तब आई थीं जब जेएनयू में अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम में भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाए गए थे।  शेहला की मां पेशे से नर्स हैं। जेएनयू में जब कन्हैया मामले ने तूल पकड़ा तो शेहला की मां ने उन्हें नेतागीरी छोड़ने की सलाह दी थी।

वहीं, जेएनयू के हालात सामान्य होने पर शेहला ने अपनी मां को वहां बुलाकर दिखाया कि उनकी बेटी अकेली नहीं है। बहुत सारे लोग उसके साथ हैं। तब जाकर शेहला की मां ने उन्हें स्टूडेंट्स यूनियन में बने रहने की परमिशन दी थी।

और जानें शेहला राशिद के बारे में

- शेहला ने सितंबर 2015 में जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष का चुनाव जीता।

- श्रीनगर की रहनेवाली शेहला ने अपने होमटाउन के ही एनआइटी कॉलेज से इंजीनियरिंग की थी। इंजीनियरिंग के बाद उनकी नामी कंपनी में जॉब भी लग गई थी।

- जॉब के दौरान शेहला को लगा कि कॉरपोरेट वर्ल्ड में काफी सोशल इनजस्टिस है। इस वजह से उन्होंने जॉब छोड़कर आइआइएम बेंगलुरु से वूमन लीडरशिप का शॉर्ट टर्म कोर्स किया।

- कोर्स के दौरान ही उन्हें जेएनयू कैम्पस में एक वीक रहने का मौका मिला। उन्हें यहां का माहौल रास आ गया और उन्होंने यहीं ज्वाइन करने की ठान ली। शेहला जेएनयू से एमफिल कर रही हैं।

- स्टूडेंट पॉलिटिक्स में आने से पहले शेहला कश्मीर में इंटरनेट की आजादी से लेकर महिलाओं पर एसिड अटैक जैसे मुद्दों को उठाती रही हैं। जेएनयू में उन्हें स्टूडेंट पॉलिटिक्स में इन्वॉल्व होने का मौका मिला।

- AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ज्वाइन करने के बाद उन्होंने कई मूवमेंट्स में पार्टिसिपेट किया। शेहला पार्लियामेंट तक मार्च से लेकर रोहित वेमुला के लिए न्याय मांगने की लड़ाई में शामिल रहीं।