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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Traffic News: नरेला के कई रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा, कुछ मिनटों के सफर में लग रहे घंटों

Published: Thu, 22 Feb 2024 02:11 PM (IST)

Delhi Traffic News राजधानी में नरेला की सड़कों पर भारी जाम में फंसकर लोग मिनटों का सफर घंटों में तय ...और पढ़ें

Delhi Traffic News: नरेला के कई रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ा, आवाजाही हुई मुश्किल
Delhi Traffic News: नरेला के कई रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ा, आवाजाही हुई मुश्किल

HighLights

  1. रूट डायवर्ट होने से नरेला के कई मार्गों पर लगा रहता है लंबा जाम
  2. लोगों का आना-जाना हुआ मुश्किल

संवाद सूत्र, बाहरी दिल्ली। सिंघु बॉर्डर बंद होने पर दिल्ली से हरियाणा पंजाब और हरियाणा पंजाब से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए नरेला सफियाबाद बॉर्डर और लामपुर बॉर्डर से रूट डायवर्ट कर दिया है।जिससे नरेला के प्रमुख मार्ग लंबे जाम में तबदील हो गए हैं।

सिंघु बॉर्डर से रामदेव चौक, लामपुर मोड से लामपुर बॉर्डर, रामदेव चौक से सफियाबाद मोड, सबौली मोड से सबौली बॉर्डर, सफियाबाद मोड से सफियाबाद बॉर्डर, झंडा चौक, मेन बजार आदि छोटें बडे मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी हुई है। नरेला की सड़कों पर भारी जाम में फंसकर लोग मिनटों का सफर घंटों में तय कर पा रहे हैं। लोगों अपने तक गंतव्य तक पहुंचने में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

मेरा भारतीय जीवन बीमा निगम का काम है। रोजाना नरेला से नई दिल्ली और हरियाणा की ओर अपने ग्राहकों के पास आना जाना लगा रहता है।मध्याह्न 12 बजे सोनीपत से चला था, नरेला तक पहुंचने में तीन घंटे लग गए।

मन्नी कुमार

नरेला में सिंघु बॉर्डर का रुट डायवर्ट करने से भारी परेशानी हो गई है और इसके कारण सड़कों पर हमेशा जाम लगा रहता है। इस सड़क से गुजरते हुए सबसे ज्याद बुजुर्ग और बच्चो को दिक्कत होती है। जाम हटाने के लिए कोई ट्रैफिक पुलिस दिखती ही नहीं है।

रमेश

सोनीपत से रोजाना नरेला में स्थित अपने कार्यालय आता हूं। जब से सिंघु बॉर्डर का रास्ता बंद हुआ है परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। इस वजह से नरेला में जाम की समस्या भी बढ़ गई है। छोटे-बड़े वाहन सभी लामपुर बॉर्डर और सफियाबाद बॉर्डर रास्ते से आ-जा रहे हैं। पहले अपने घर से कार्यालय आधे घंटे में आ जाता था अब दो घंटे लग जाते हैं।

सतीश कुमार