नई दिल्ली, जेएनएन। टूलकिट मामले में मंगलवार को पूछताछ के लिए दिशा रवि को साइबर सेल के ऑफिस लाया गया। दिशा का रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में लाया गया। यहां पटियाला हाउस कोर्ट के सत्र न्यायालय ने दिशा रवि की जमानत याचिका की अनुमति दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने उन्हें दो जमानती राशि के साथ 1,00,000 रुपये की जमानत राशि देने पर जमानत दी। 

इस पूछताछ में शांतनु को भी शामिल किया गया। इससे पहले भी साइबर सेल ने सोमवार को निकिता जैकब और शांतनु मुलुक से चार घंटे तक लगातार पूछताछ की थी। इन दोनों को नोटिस देकर सोमवार सुबह 11 बजे बुलाया गया था। दोनों तय समय से पहले साइबर सेल के द्वारका आफिस पहुच गए थे। साइबर सेल के डीसीपी अन्येष राय समेत कई अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की थी। उधर शांतनु ने अपनी जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। बुधवार को इस मामले में सुनवाई होगी। 

क्या है टूलकिट? 

दरअसल टूलकिट एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें किसी मुद्दे की जानकारी देने के लिए और उससे जुड़े कदम उठाने के लिए इसमें विस्तृत सुझाव दिए गए होते हैं। आमतौर पर किसी बड़े अभियान या आंदोलन के दौरान उसमें हिस्सा लेने वाले वॉलंटियर्स को इसमें दिशानिर्देश दिए जाते हैं। टूलकिट का पहली बार इस्तेमाल अमेरिका में ब्लैक लाइव क्लॉयड की मौत के बाद आंदोलन को दिशा देने के लिए किया गया था। उसके बाद अब किसानों के आंदोलन में इसका इस्तेमाल किया गया।

ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट से चर्चा में आया टूलकिट 

टूलकिट की शुरुआत चाइल्ड एक्टिविस्ट के तौर पर चर्चित रहीं ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunbergs) के ट्वीट से फिर से हो गई है। किसान आंदोलन के समर्थन में ग्रेटा थनबर्ग ने एक ट्वीट किया और एक टूलकिट (toolkit) नाम का एक डॉक्यूमेंट शेयर किया। इसको देखकर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ। हंगामा होने के बाद ग्रेटा ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया और दूसरा ट्वीट कर दूसरा टूलकिट डॉक्यूमेंट शेयर कर दिया। ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर की गई इस टूलकिट में किसान आंदोलन के बारे में जानकारी जुटाने और आंदोलन का साथ कैसे करना है इसकी पूरी डिटेल दी गई थी।

दिशा रवि 

दिशा रवि बेंगलुरु के प्रतिष्ठित माउंट कार्मेल की छात्रा हैं। दिशा ने साल 2018 में ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक मूवमेंट शुरू करने वाली संस्था एफएफएफ की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने माउंट कार्मल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। वो इस समय गुड माइल्क कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। दिशा के पिता रवि मैसूरु में एक एथलेटिक्स कोच हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। देश में ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ अभियान के फाउंडर सदस्यों में दिशा रवि भी शामिल हैं। 

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