दिल्ली के मसाज सेंटर में लूट करने वाले 'पुलिसकर्मियों' को दबोचा, छापेमारी करके आरोपियों तक पहुंची टीम
दिल्ली के स्पा और मसाज सेंटर में लूट करने वाली गिरोह के तीन आरोपित गिरफ्तार हुए। पकड़े गए आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर स्पा सेंटर में छापा मारते और धमकाते हुए लोगों से लूटपाट करते थे। ये जुबेर के माध्यम से दिल्ली पुलिस की वर्दी खरीदता था। समीर नामक व्यक्ति एक सर्च इंजन कंपनी को फोन करके स्पा और मसाज सेंटरों के पते और फोन नंबर प्राप्त करता था।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। सीमापुरी थाना क्षेत्र में स्पा और मसाज सेंटर में लूट करने वाली गिरोह के तीन आरोपित गिरफ्तार हुए। आरोपितों की पहचान घोंडा निवासी जीशान उर्फ शानू, अशोक मोहल्ला निवासी अमजद और जाफराबाद निवासी इमरान उर्फ पहलवान के रूप में हुई है। जीशान इस गिरोह का मास्टरमाइंड है।
सायरन और पुलिसवर्दी बरामद
इनके पास से अपराध में प्रयुक्त वाकी टाकी, पुलिस का स्टीकर लगी मोटरसाइकिल, सायरन, पुलिस की वर्दी व अन्य सामान बरामद हुआ है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने सीमापुरी क्षेत्र स्थित दो स्पा सेंटरों में हुई लूट के मामले सुलझा लिए हैं। पुलिस प्राथमिकी पंजीकृत करके अन्य मामलों में भी इनकी संलिप्तता का पता लगा रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीना ने बताया कि 25 नवंबर को सीमापुरी थाना पुलिस को एक कथित स्पा सेंटर में लूट की सूचना मिली। पांच बदमाशों ने स्पा सेंटर में घुसकर वहां मौजूद स्टाफ को धमकाया और मारपीट कर 33 हजार रुपये लूट लिए। ठीक ऐसी ही एक लूट की घटना 22 नवंबर को भी हुई। जिसमें आरोपितों ने 50 हजार रुपये और अन्य सामान लूटा था।
मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे लूटने
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर विकास कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पता चला कि आरोपित दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर लूट करने आए थे। वहीं, जब पुलिस ने 22 नवंबर वाली घटनास्थल का निरीक्षण किया तो वहां अप्रैल 2023 का एक ऑनलाइन पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट का प्रिंटआउट मिला।
इसकी जांच करने पर पता चला कि इसका आवेदक नेपाल में है। जिसने यह प्रिंटआउट आरोपित जीशान उर्फ शानू को दिया था। उसने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया था और उसका सत्यापन पूरा करने का वादा किया था। पुलिस ने तकनीकी सहायता से जीशान की लोकेशन निकालकर उसे दबोच लिया। इसके बाद छापेमारी करके अन्य दो आरोपितों को भी पकड़ लिया गया।
जुबेर के माध्यम से खरीदते थे पुलिस की वर्दी
पूछताछ में आरोपित जीशान ने बताया कि अपने सहयोगी जुबेर के माध्यम से दिल्ली पुलिस की वर्दी खरीदता था। समीर नामक व्यक्ति एक सर्च इंजन कंपनी को फोन करके स्पा और मसाज सेंटरों के पते और फोन नंबर प्राप्त करता था।
अमजद एक नकली ग्राहक बनकर चयनित स्थान पर जाता और उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य वहां छापेमारी करने पहुंच जाते थे। इमरान खुद को कॉन्स्टेबल अशोक राणा और जीशान सब इंस्पेक्टर जाकिर खान बताता था। वह अपने साथ वाकी टाकी और पुलिस की फाइल लेकर जाते थे, जिन्हें लोगों को उन पर भरोसा रहे। इसके बाद स्पा सेंटर में मौजूद व्यक्ति के मोबाइल फोन, रुपये लूटकर और उनकी पिटाई करके फरार हो जाते थे।
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