Delhi: जज बन अपराधियों को जमानत देने वाले चोर का 85 वर्ष की उम्र में निधन, 90 से ज्यादा बार गया सलाखों के पीछे
धनी राम मित्तल एक ऐसा नाम है जो चोरी की दुनिया में बड़ा चर्चित रहा है। चोरी के साथ ही उसके पास अदाकारी का भी हुनर था। फर्जी जज बनकर उसने विचाराधीन कैदियों को जमानत तक दे दी थी। हरियाणा चंडीगढ़ पंजाब और राजस्थान में 150 से अधिक चोरी के मामलों में नामित मित्तल को 90 से अधिक बार सलाखों के पीछे भेजा गया था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। धनी राम मित्तल एक ऐसा नाम है जो चोरी की दुनिया में बड़ा चर्चित रहा है। चोरी के साथ ही उसके पास अदाकारी का भी हुनर था। फर्जी जज बनकर उसने विचाराधीन कैदियों को जमानत तक दे दी थी।
पुलिस के अनुसार, स्वास्थ्य समस्याओं के चलते 85 वर्ष की आयु में उसकी मृत्यु हो गई। हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान में 150 से अधिक चोरी के मामलों में नामित मित्तल को 90 से अधिक बार सलाखों के पीछे भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार वह चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी के एक हजार से अधिक मामलों में सीधे तौर पर शामिल था। 1964 में सबसे पहले धोखाधड़ी के एक मामले में उसका नाम सामने आया था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक बार उसने हरियाणा के झज्जर कोर्ट की पार्किंग से कार चुराई थी।
उसने झज्जर कोर्ट में कुछ दिन जज बनकर लंबी सजा काट रहे अपराधियों को रिहा करने का आदेश पारित कर दिया था। मित्तल ने रोहतक से प्रथम श्रेणी में बीएससी किया था और बाद में राजस्थान से एलएलबी किया।
एलएलबी के बाद उसने अधिवक्ताओं के यहां मुंशी का काम किया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बनाए और स्टेशन मास्टर की नौकरी हासिल की और 1968 से 1974 तक काम किया। वर्ष 2016 में 77 साल की उम्र में उसे रानी बाग में एक कार चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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