विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi News: वरिष्ठ भाजपा नेता का OSD बन पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी धमकी

By Jagran NewsEdited By: Pradeep Kumar Chauhan
Published: Thu, 13 Oct 2022 07:35 PM (IST)

Delhi News पीड़ित ने बताया कि 14 सितंबर की रात उनके सचिव शशांक सिंह के मोबाइल पर एक शख्स ने ...और पढ़ें

Delhi News: शक होने पर जमाल सिद्दकी ने आरोपित को पार्टी मुख्यालय में बुलाया और पुलिस को सूचना दे दी।
Delhi News: शक होने पर जमाल सिद्दकी ने आरोपित को पार्टी मुख्यालय में बुलाया और पुलिस को सूचना दे दी।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। भाजपा के वरिष्ठ नेता का ओएसडी बताकर एक शख्स पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दकी को फोन कर फंसे हुए डेढ़ करोड़ रुपये निकलवाने को कहा। ऐसा नहीं करने पर पद से हटाने और जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में शक होने पर जमाल सिद्दकी ने आरोपित को पार्टी मुख्यालय में बुलाया और पुलिस को सूचना दे दी। फिलहाल आइपी इस्टेट पुलिस ने आरोपित हसनैस बकई और उसके साथी फरीउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है।

खुद को बताया पार्टी के एक बड़े नेता का ओएसडी

पुलिस फिलहाल आरोपित के दो अन्य साथियों की तलाश कर रही है।पुलिस सूत्रों ने बताया कि भाजपा की अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दकी ने 20 सितंबर को शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि 14 सितंबर की रात उनके सचिव शशांक सिंह के मोबाइल पर एक शख्स ने फोन किया और खुद को पार्टी के एक बड़े नेता का ओएसडी बताया। उसने शशांक से कहा कि जमाल सिद्दकी से कहो कि उनसे बात करें। साथ ही उसने फोन नहीं करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

पद और जान दोनों से हाथ धोने की दी धमकी

ओएसडी बने शख्स ने जमाल सिद्दकी को बेंगलुरु में फंसे डेढ़ करोड़ रुपये नहीं निकलवाने पर पद और जान से हाथ धोने की धमकी दी थी, साथ ही रुपये उल्टे जमाल सिद्दकी से वसूलने की भी बात कही। उन्होंने पार्टी के अन्य पदाधिकारियों से इस बोर में बात की तो पता चला कि कुछ अन्य लोगों को भी इस तरह के फाेन आए हैं,ऐसे में उन्हें शक हुआ।

उन्होंने फोन आने पर आरोपित को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में बुलाया। वह शख्स अपने एक साथी के साथ 20 सितंबर को मुख्यालय में पहुंचा। यहां पर कार्यालय सचिव अमीन ने आइपी एस्टेट थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपितों को दबोच लिया।

ये भी पढ़ें- दिल्ली के अभिभावकों के लिए खुशखबरी, बच्चे के जन्म के चार साल बाद भी जन्मप्रमाण पत्र में आनलाइन जोड़ सकेंगे नाम