मकान मालिक की हत्या कर बोरी में डाला शव, जिंदा दिखाने के लिए आरोपी 6 दिन तक करता रहा ये काम
दिल्ली के पालम इलाके से हत्या का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक किराएदार ने अपने ही मकान मालिक की हत्या कर उसके शव को बोरी में भरकर घर के अंदर ही छोड़ दिया। वहां से निकलते वक्त आरोपी ने घर का दरवाजा बाहर से लॉक कर दिया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के पालम इलाके से हत्या की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में तहलका मच गया है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय देवदास के रूप में हुई है।
किराएदार ने की मालिक की हत्या
यहां एक किराएदार ने मकान मालिक की हत्या कर दी और फिर शव को बोरे में भरकर कमरे में ही रखकर, बाहर से ताला लगाकर चला गया।
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब कमरे से तेज बदबू आनी शुरू हुई। असहनीय बदबू के चलते आसपास के लोगों ने पुलिस को पीसीआर कॉल किया।
एक महिला के साथ रहता था देवदास
पीसीआर कॉल पर पुलिस को बताया गया कि यहां एक कमरे से तेज बदबू आ रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
फायर ब्रिगेड की टीम ने संदिग्ध घर के बाहर लगा ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पाया कि वहां, दो कमरे हैं। एक कमरे में बाहर से ताला लगा है।
दमकलकर्मियों ने जब उस कमरे का ताला तोड़ा तो देखा कि कमरे के फर्श पर एक बोरा पड़ा है जिसमें कपड़े हैं। उस बोरे से इतनी तेज दुर्गंध आ रही थी कि दमकलकर्मियों और पुलिस का वहां एक मिनट भी खड़ा होना मुश्किल हो रहा था।
पूरी तरह से सड़ चुका था शव
कपड़ा हटाकर जब देखा गया तो बोरे में एक शव बरामद हुआ जो बहुत ही सड़ी-गली अवस्था में पड़ा हुआ था। शव की पहचान 55 वर्षीय देवदास के रूप में हुई।
देवदास अविवाहित था और एक महिला के साथ रहता था, जो बीते तीन हफ्ते से आंध्र प्रदेश गई हुई है। शव मिलने के बाद पुलिस हत्यारोपी की तलाश में जुट गई।
पुलिस ने जब अपनी जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि एक शख्स जिसे सब 'पंडित जी' कहते हैं, वह देवदास की देखभाल भी करता था और लगभग रोजाना ही उसके घर आता था। छानबीन में पता चला कि वह भी कई दिन से गायब है।
एटा से गिरफ्तार हुआ आरोपी
पुलिस ने जांच तेज की तो आरोपी को उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने कबूल कर लिया कि उसी ने देवदास की हत्या की है।
आरोपी उचित ने बताया कि 21 अक्टूबर की रात को जब वह देवदास के घर पहुंचा तो वह शराब पी रहा था। देवदास ने उचित को भी शराब पीने के लिए दी। इसके बाद नशे में देवदास ने उचित को गालियां दीं और थप्पड़ भी मार दिया।
देवदास के चॉपर से ही किया उसका कत्ल
इस पर उचित को गुस्सा आ गया और उसने देवदास के तकिये के नीचे रखे रहने वाले चॉपर से देवदास को मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद उसने शव बोरे में भरा और घर का ताला बाहर से लगाकर वहां से फरार हो गया। फिर वह घर गया और उसने खून से सनी अपनी शर्ट बदली और पहले की तरह रहने लगा।
वह रोजाना छह दिन तक यानी 27 अक्टूबर तक देवदास के घर जाता और उसका मोटर चला आता ताकि किसी को शक न हो कि देवदास मर चुका है। हालांकि यह सारी चालांकि उसके काम न आई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर ही लिया।
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