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NEET Controversy: एनटीए के खिलाफ छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा, ABVP ने की नीट परीक्षा की CBI से जांच कराने की मांग

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से कराई गई NEET Exam में आई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में एनटीए की ओर सं नीट-यूजी-2024 परीक्षा के परिणाम जारी किए गए थे। इनमें व्यापक स्तर पर गड़बड़ी और अनियमितता सामने निकलकर आई है। जारी किए गए परिणामों में प्रथम स्थान पर 67 छात्र एक साथ आए हैं।

By uday jagtap Edited By: Abhishek Tiwari Published: Tue, 11 Jun 2024 09:55 AM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 09:55 AM (IST)
NEET Exam Controversy: एनटीए के खिलाफ छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से कराई गई नीट परीक्षा (NEET Exam) में आई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एनटीए के मुख्यालय समेत देशभर में प्रदर्शन कर नीट परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।

स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ), ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर एजेंसी को हटाने की मांग की है। सीवायएसएस ने भी डीयू में प्रदर्शन किया है। एबीवीपी ने परीक्षाओं को पारद्दर्शी बनाने की मांग की है।

हाल ही में एनटीए की ओर सं नीट-यूजी-2024 परीक्षा के परिणाम जारी किए गए थे। इनमें व्यापक स्तर पर गड़बड़ी और अनियमितता सामने निकलकर आई है। जारी किए गए परिणामों में प्रथम स्थान पर 67 छात्र एक साथ आए हैं। दूसरी ओर, इन प्रथम स्थान के सात छात्र हरियाणा के एक ही सेंटर से आते हैं।

एनटीए मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

छात्रों ने पेपर लीक की भी संभावना जताई है। एबीवीपी ने इन सारे विषयों पर संज्ञान लेते हुए नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ एनटीए मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया व प्रशासन से मिलकर इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने, जिन छात्रों को ग्रेस मार्क्स प्रद्दान किए गए उनकी स्पष्ट जानकारी साझा करने, भविष्य में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने, परीक्षा सरकारी केंद्र पर आयोजित करने एवं सरकार की ओर से नियुक्त परीक्षा निरीक्षकों / पर्यवेक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर नियुक्त करने की मांग रखी।

एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री शिवांगी खरवाल ने कहा, कुछ वक्त से लगातार गड़बड़ियों को देखते हुए लगता है कि एनटीए भ्रष्ट संस्था हो चुकी है। एनटीए की ओर से आयोजित हर परीक्षा में गड़बड़ी निकलकर आ रही है। इसलिए इसकी उचित जांच जरूरी है। इस मौके पर दिल्ली प्रांत के मंत्री हर्ष अत्री, राष्ट्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी व डीयू छात्र संघ सचिव अपराजिता सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।

एसएफआइ और आइसा की एनटीए को खत्म करने की मांग

एसएफआइ और आइसा ने शिक्षा मंत्रालय पर प्रदर्शन कर एनटीए को समाप्त करने की मांग की। एसएफआइ ने एक बयान में कहा है कि शृंखलाबद्ध तरीके से विसंगतियां सामने आ रही हैं। सीयूईटी परीक्षा में व्यापक गड़बड़ियां देखी गईं। इसने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष धनंजय ने कहा, एनटीए को खत्म किया जाना चाहिए। नीट परीक्षा दोबारा आयोजित होनी चाहिए।

एनटीए सीधे तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल है और सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उपाध्यक्ष अविजीत घोष ने कहा, अधिक पारद्दर्शी तरीकों से परीक्षा का आयोजन होना चाहिए। एनटीए ने साबित कर दिया है कि वह अक्षम निकाय है। अब पारद्दर्शी परीक्षा आयोजित करना उनके लिए मुनासिब नहीं है। इसलिए उसका रद्द हो जाना छात्रों के हित में है।

एनएसयूआइ अध्यक्ष ने लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र

एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने नीट परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि अंकों में विसंगतियों, परिणाम जारी करने के संदिग्ध समय, एकल केंद्रों से टापर्स और प्रश्न पत्र लीक की रिपोर्ट ने 24 लाख से अधिक छात्रों को परेशानी में डाल दिया है। नीट परीक्षा दोबारा हो, विसंगतियों की व्यापक जांच हो, परीक्षा के लिए पारद्दर्शी उपाए किए जाएं आदि मांगें उन्होंने की हैं।


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