देश की राजधानी में बोडोफा की प्रतिमा उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि : डा. हेमंत बिस्वा सरमा
असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली में बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा की प्रतिमा के अनावरण पर कहा कि यह गर्व का दिन है। केंद्र सरकार की ओर से बोडोफा के नाम पर सड़क का नामकरण सच्ची श्रद्धांजलि है जो दर्शाता है कि केंद्र सरकार बोडो समुदाय की सुनती है।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली : असम के मुख्यमंत्री डा. हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है। बोडो जनजाति के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा की 35वीं पुण्यतिथि पर देश की राजधानी दिल्ली की कैलाश कालोनी में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया बोडोफा की प्रतिमा का अनावरण
कैलाश काॅलोनी में आयोजित कार्यक्रम में CM बिस्वा ने कहा कि उनके नाम पर सड़क का नामकरण कर केंद्र सरकार ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह में बृहस्पतिवार को प्रतिमा का अनावरण किया। दिल्ली में बोडोफा की प्रतिमा असम के लिए संदेश है कि केंद्र सरकार में भी हमारी सुनवाई होती है।
गांधी जी से प्रेरित बोडोफा ने हमेशा किया अहिंसात्मक आंदोलन
उन्होंने कहा कि बोडोफा ने बोडो समाज के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। गांधी जी से प्रेरित बोडोफा ने हमेशा अहिंसात्मक आंदोलन किया। कहा कि एक समय ऐसा आ गया था जब लग रहा था कि असम का विभाजन होगा। छह हजार से ज्यादा लोगों ने हथियार उठा लिए थे।
मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने असम में शांति का रास्ता निकाला। वर्ष 2020 में बोडो शांति समझौता हुआ और उसके बाद से असम में शांति बहाल है। असम में अब हिंसा तो छोड़िये, कोई आंदोलन भी नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि असम का इतिहास बहुत गौरवपूर्ण रहा है। आज असम के इतिहास को दिल्ली में स्वीकृति मिल रही है। इससे साफ है कि दिल्ली असम की है और असम दिल्ली का पूरा सहयोग करेगा।
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