यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नामी बदमाश की मां की किडनैपिंग में घिरा उमर खालिद, कई JNU छात्र नेता भी आरोपी
दिल्ली से नदीम, अब्दुल माजिद, उमर खालिद के साथ एएमयू से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, फैजुल हसन व ...और पढ़ें

नई दिल्ली/अलीगढ़ (जेएनएन)। देश के उम्दा संस्थानों में शुमार दिल्ली का जवाहर लाल विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, जेएनयू छात्र नेताओं पर अलीगढ़ में एक बदमाश की मां के अपहरण का आरोप लगा है।
घटनाक्रम के मुताबिक, हरदुआगंज मुठभेड़ में मारे गए मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को अतरौली के मुहल्ला बैसपाड़ा नई बस्ती में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय व जेएनयू के छात्र नेता पहुंचे। जेएनयू से आए छात्र नेताओं में उमर खालिद भी थे, जो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया के साथ चर्चा में आए थे। देर रात सभी पर मारे गए बदमाशों की मां के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दिल्ली से यूनाइटेड अगेंस्ट हेट की टीम के नदीम, अब्दुल माजिद, उमर खालिद के साथ एएमयू से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, फैजुल हसन व वामपंथी नेता रंजन राना मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से मिलने पहुंचे थे।
परिवार की महिलाओं से जानकारी की। यहां से कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस से नोकझोंक हुई। बजरंग दल के विभाग मंत्री रामकुमार आर्य, गोरक्षा प्रमुख केदार सिंह एएमयू व जेएनयू छात्र नेताओं के विरोध में खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया है कि बदमाशों से इनके तार जुड़े हो सकते हैं। मामला और तूल न पकड़े, यह सोच छात्र नेता वहां से चले गए।
उधर, मुस्तकीम की पत्नी हिना ने मशकूर, फैजुल समेत सभी पर जबरन सास शबाना व नौशाद की मां शाहीन को ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वहीं, फैजुल ने कहा कि पुलिस से बात करने गए थे कि मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों को परेशान न किया जाए। मुठभेड़ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। महिलाओं को दिल्ली के लोग अपने साथ ले गए हैं। शुक्रवार को वह सभी के सामने होंगी।
