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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shraddha Case: नहीं मिला श्रद्धा का सिर और वारदात में शामिल हथियार, कॉल सेंटर में भी महिलाओं से की थी अभद्रता

By Jagran NewsEdited By: Prateek Kumar
Published: Wed, 16 Nov 2022 11:21 PM (IST)Updated: Wed, 16 Nov 2022 11:44 PM (IST)

दक्षिणी जिले में स्थित महरौली के जंगलों में बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक बार फिर डाग स्क्वाड के साथ ...और पढ़ें

पुलिस ने बुधवार को भी करीब तीन घंटे जंगल को खंगाला।
पुलिस ने बुधवार को भी करीब तीन घंटे जंगल को खंगाला।

नई दिल्ली [रजनीश पाण्डेय]। श्रद्धा वालकर हत्याकांड में पुलिस ने लगातार तीसरे दिन महरौली के जंगल में सर्च अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक जंगल की खाक छानने के बाद भी पुलिस को न तो श्रद्धा का सिर मिला और न ही वह आरी मिली, जिससे श्रद्धा के शव के टुकड़े किए गए थे। पुलिस उसका मोबाइल भी नहीं ढूंढ सकी है। पांच दिन के रिमांड की अवधि गुरुवार को पूरी होने के बाद पुलिस आफताब को साकेत कोर्ट में पेश रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी। दक्षिणी जिले में स्थित महरौली के जंगलों में बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक बार फिर डाग स्क्वाड के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। यहां सर्च अभियान के दौरान पुलिस को कुछ हड्डियां व शरीर के अन्य अवशेष मिले हैं।

अब तक सिर फेंकने की सही जगह नहीं बता सका आफताब 

पुलिस अब तक रीढ़ की हड्डी सहित शरीर के कई अंगों को बरामद कर चुकी है, लेकिन सिर नहीं मिल सका है। सिर फेंकने की सही जगह नहीं बता रहा आफताब। श्रद्धा का लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने बेहद शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया है। उसने श्रद्धा के शव के सभी टुकड़े महरौली के जंगल में फेंकने की बात कही है, लेकिन तीन दिन में पुलिस ने उसके द्वारा बताए गए करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र को छान लिया है। इसके बावजूद सिर व आरी नहीं मिली है। पुलिस को शक है कि उसने श्रद्धा का सिर किसी नाले या अन्य स्थान पर फेंका है और पुलिस को गुमराह कर रहा है।

फोरेंसिक लैब भेजे गए बरामद

अवशेष महरौली जंगल से मिले कंकाल व अन्य अवशेष को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। मानव अवशेष पाए जाने पर श्रद्धा के पिता और भाई के डीएनए से मिलान कराया जाएगा, ताकि स्पष्ट हो सके कि ये हड्डियां श्रद्धा की ही हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक बरामद अवशेष में ज्यादातर शरीर के पिछले हिस्से के हैं। नाले से भी कुछ हड्डियां बरामद हुई हैं। सर्च में जंगली जानवरों की हड्डियां व अन्य अवशेष भी मिल रहे हैं। इसलिए फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि जानवरों और मानव अवशेष में अंतर हो सके।

सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी पुलिस

पुलिस को ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है, जिससे साबित किया जा सके कि उसने वारदात को महरौली में अंजाम दिया है। पिछले दो दिनों में पुलिस ने आफताब के घर को जाने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल लिए हैं। छह माह पुराना ऐसा कोई डाटा नहीं मिला है, जिसमें श्रद्धा और आफताब की मौजूदगी मिल जाए। पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से भी आग्रह किया है कि यदि किसी के पास छह माह पुराना डाटा उपलब्ध है और उसमें आफताब या श्रद्धा की तस्वीर कैद है तो वे पुलिस की मदद करें।

गुरुग्राम के काल सेंटर से निकाला गया था आफताब

आफताब ने गुरुग्राम के एक काल सेंटर में भी नौकरी की थी। यहां महिला कर्मचारियों के साथ अभद्रता करता था। कई-कई दिन बिना अवकाश लिए गायब हो जाता था। इस वजह से उसे काल सेंटर से निकाल दिया गया था। पुलिस काल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ कर आफताब के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद जख्मी हाथ का आफताब ने स्थानीय डाक्टर अनिल कुमार से इलाज कराया था। उसने डाक्टर को बताया था कि वह आइटी कंपनी में काम करता है। डाक्टर को भी इस मामले में पुलिस गवाह बनाएगी।

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