Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    महिला मित्र से दुष्कर्म के मामले में युवक को कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, अदालत ने की ये टिप्पणी

    By Gaurav BajpaiEdited By: Mangal Yadav
    Updated: Wed, 09 Feb 2022 10:31 PM (IST)

    अपनी महिला मित्र के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में आरोपित युवक को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच अधिकारी ने अपनी जांच पूरी कर ली है ऐसे में आरोपित को हिरासत में रखना जरूरी नहीं है।

    Hero Image
    महिला मित्र से दुष्कर्म के मामले में युवक को कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अपनी महिला मित्र के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में आरोपित युवक को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच अधिकारी ने अपनी जांच पूरी कर ली है ऐसे में आरोपित को हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने आरोपित युवक को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने आरोपित को जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर प्रस्तुत होने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित जीशान अहमद को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जूही अरोड़ा ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पीड़िता के साथ प्रेम संबंध थे और इस दौरान दोनों की सहमति से ही शारीरिक संबंध स्थापित किए गए। इसके अलावा युवक के धर्म इत्यादि के संबंध में भी पीड़िता को पहले दिन से ही जानकारी थी।

    वहीं लोक अभियोजक ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने पीड़िता को भरोसे में लेकर लंबे समय तक यौन उत्पीड़न किया ऐसे में पूरी संभावना है कि आरोपित को यदि अंतरिम जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता को और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि पुलिस अपनी जांच बिना आरोपित को गिरफ्तार किए पूरी कर चुकी है। ऐसे में आरोपित को हिरासत में लेना जरूरी नहीं है। इसके अलावा पीड़िता द्वारा यह कहना कि शादी का आश्वासन देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया यह प्रथमदृष्ट्या सहज स्वीकार नहीं है। ऐसे में आरोपित को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी जाती है। साथ ही आरोपित को पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर प्रस्तुत होने के लिए भी निर्देशित किया जाता है।