नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Sagar Dhankar Murder Case: पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में अब बहन ने जस्टिस फार सागर (#Justiceforsagar) के नाम से इंटरनेट मीडिया पर इंसाफ की मांग की है। सागर धनखड़ सोनीपत के गांव बछेता का रहने वाला था। इसी माह 4 मई को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में ओलंपियन सुशील कुमार और उसके कुछ साथियों ने लाठी-डंडों और अन्य चीजों से मारने के बाद गोली मारकर सागर की हत्या कर दी। सागर अभी मात्र 23 साल का था और वो देश के लिए कई पुरस्कार जीत चुका था। सागर के पिता अशोक धनखड़ दिल्ली पुलिस के ही एक थाने में हवलदार की पोस्ट पर तैनात है।

जस्टिस फार सागर (#Justiceforsagar)
रोहतक में रहने वाले सागर की बहन ने लगभग एक मिनट कुछ सेकंड का एक वीडियो बनाया है इसके जरिए सागर के लिए न्याय की मांग की गई। वीडियो का टाइटल जस्टिस फार सागर रखा गया है। इस वीडियो में कुश्ती में अब तक सागर की उपलब्धियों को दिखाया गया है। साथ ही जिन-जिन मीडिया हाउसों ने उसको कवर किया है उसकी कटिंग आदि भी लगाई गई है। वीडियो के अंत में बहन कहती है कि आप लोग सागर के लिए इंसाफ की लड़ाई में परिवार के साथ खड़े हों।

सागर के मामा आनंद कुमार ने बताया कि सागर साल 2012 में सुशील कुमार के संपर्क में आया था, तभी से वो उनकी शार्गिदी में ही पहलवानी के गुर सीख रहा था। परिवार के लोगों ने उसे सुशील से पहलवानी के गुर सीखकर देश के लिए मेडल लाने के लिए कहा था। सागर के परिवार के लोगों का कहना है कि वो पहलवानी में देश का नाम रोशन करना चाहता था, उसके लिए ओलंपियन सुशील कुमार ही आइडियल थे। मगर एक गुरू ने ही अपने शिष्य की हत्या कर दी।


अब तक नहीं पहुंचा कोई भी घर

सागर के मामा आनंद कुमार का कहना है कि देश के लिए मेडल लाने वाले पहलवान के घर तक अब तक कोई भी नहीं पहुंचा है। न तो हरियाणा सरकार की ओर से कोई घर पर सांत्वना देने के लिए आया है न ही दिल्ली पुलिस की ओर से किसी अधिकारी या नेता ने संपर्क किया है। परिवार के लोग दो राज्यों के बीच फंसकर रह गए हैं। वो पूछते हैं कि यदि सागर किसी खेल में इसी तरह से स्वर्ण पदक लेकर आया होता तब भी क्या कोई घर नहीं आता, उस समय तो तमाम लोग घर पर लाइन लगाए हुए होते मगर आज कोई पूछने नहीं आ रहा है।

गैर जमानती वारंट हो चुका जारी
उधर माडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनकड़ की हत्या मामले में आरोपित ओलंपियन सुशील कुमार व अन्य आरोपितों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह वारंट रोहिणी कोर्ट के महानगर दंडाधिकारी की अदालत ने शनिवार को जारी किया है। आरोपित सुशील वारदात के बाद से फरार है और पुलिस की टीमें उसे व उसके साथियों को दबोचने के लिए विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस सुशील के रिश्तेदारों, परिचितों से पूछताछ कर उसका सुराग पाने की कोशिश कर रही है।

गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस अब सुशील व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी पर ईनाम की घोषणा करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही इनकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा कर दी जाएगी। इस बीच पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि सुशील दस मई को नजफगढ़ स्थित अपने गांव आया था। जहां वह कुछ देर रहने के बाद रवाना हो गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को माडल टाउन थाने में सुशील के ससुर, पत्नी व दोनों सालों से भी पूछताछ की। लेकिन उन्होंने सुशील के बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया।