Road Safety with Jagran: चालकों की समझ का स्तर बढ़ाने से कम होंगे सड़क हादसे, जानिए सेफ्टी टिप्स
हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में 60 प्रतिशत लोगोें की मौत हो जाती है। हाइवे पर चलने के लिए जागरुकता बढ़ाए जाने की जरूरत जहां तक दुर्घटनाएं कम किए जाने की बात है तो यह बात बार बार उठ रही है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआइ) के मुख्य वैज्ञानिक एस वेलुमुरुगन कहते हैं कि दुर्घटनाएं कम हों, इसके लिए हाईवे ड्राइविंग को लेकर चालकों की समझ का स्तर बढ़ाना होगा।हाइवे पर चलते वाले लोगों को जागरुक करना बहुत जरूरी है, उन्हें इस बात का बिल्कुल ध्यान रखना चाहिए कि हाइवे पर चलते समय उन्हें क्या करना है। सरकार द्वारा भी लोगों को जागरुक करने के लिए जागरुकता अभियान चलाए जाने चाहिए। यही एक उपाय है कि जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। वह बताते हैं कि अब रोड सेफ्टी आडिट किया जा रहा है। इससे पता लगाया जा सकता है कि जिस टोल रोड या हाइवे को शुरू किया जा रहा है उस सड़क में कहीं कमी तो नहीं है।
कम हो सके सड़क दुर्घटना
यह सब कार्य इसलिए किया जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्तमान में हो रहीं सड़क दुर्घटनाओं काे कम किया जाए और उससे अहम है कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौत को कम किया जाए, जो लोग गंभीर रूप से घायल हैं उनकी जिंदगी कैसे बचाई जाए। अभी कुल मौत को 50 प्रतिशत तक कम किए जाने पर काम हाे रहा है। दुर्घटनाएं रोकने से अधिक दुर्घटनाओं में घायलों काे बचाना जरूरी नेशनल हाइवे पर हाेने वाली दुर्घटनाओं में घायल लोगों को जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है, ट्रामा सेंटर बढाए जाने पर बात हो रही है।
दैनिक जागरण द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज
ने शुभकामनाएं दीं, उन्होंने इस अभियान को उपयोगी बताया।@JagranNews pic.twitter.com/kQNabQjP56
— Ritika Mishra Shastri (@RitikaMishra_21) November 26, 2022
हर साल होती है करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं
वेलुमुरुगन बताते हैं कि हाइवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए तमिलनाडु ने कुछ साल पहले काम शुरू किया था, 2014 से 2019 के दाैरान वहां दुर्घटनाएं तो बहुत कम नहीं हो सकीं, मगर उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा 50 प्रतिशत तक कम किया है।वह कहते हैं कि देश में प्रति वर्ष करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाए होती हैं, उनमें प्रति वर्ष डेढ़ लाख के करीब लाेग मर जाते हैं।दूसरे शब्दों में कहें तो तीन सड़क दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत होती है। यानी माैत का आंकड़ा बहुत अधिक है। इनमें हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा ज्यादा चिंताजनक है।
हादसे में करीब 60 प्रतिशत लोग की होती है मौत
हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में 60 प्रतिशत लोगोें की मौत हो जाती है। हाइवे पर चलने के लिए जागरुकता बढ़ाए जाने की जरूरत जहां तक दुर्घटनाएं कम किए जाने की बात है तो यह बात बार बार उठ रही है, हर कोई चाहता है कि दुर्घटनाएं कम हों, मगर ऐसा कोई राकेट साइंस नहीं है कि दुर्घटनाएं कम की जा सकें। इसके लिए हाइवे पर चलने वाले वाहन चालकों को जागरुक करने की जरूरत है। लोगों को इस तरह का प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें बताया जाए कि हाइवे पर चलने के दौरान वे क्या क्या ध्यान रखें। हाइवे पर चलने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए, लोगों को भी चाहिए कि हाइवे पर चलते समय गति व अन्य नियमों का पालन करें। सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
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