Delhi News: लू के इलाज के लिए RML में मोबाइल हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू, हेल्पलाइन नंबर भी जारी
दिल्ली में लू से हुई मौतों के बाद आरएमएल अस्पताल ने लू के इलाज के लिए मोबाइल हीट स्ट्रोक यूनिट शुरू की है। यह यूनिट एसीएलएस एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचकर टेको विधि से तुरंत इलाज करेगी। अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर 011-23404446 पर संपर्क किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य लू लगने पर होने वाली मौतों को कम करना है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में पिछले वर्ष भीषण लू से 80 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसमें युवा और खुले में काम करने वाले कामकाजी लोग अधिक थे। इसके मद्देनजर आरएमएल अस्पताल में पिछले माह से ही हीट स्ट्रोक यूनिट तो तैयार है ही, इस बार अस्पताल ने एक मोबाइल हीट स्ट्रोक यूनिट भी तैयार की है।
इसके तहत एक एसीएलएस (एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) लू पीड़त मरीज की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर टेको (टार्प असिस्टेड कूलिंग विद आसिलेशन) विधि से जल्दी इलाज उपलब्ध कराएगी। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय शुक्ला ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लू लगने से पीड़ित 70 मरीज अस्पताल पहुंचे थे। लू लगने पर शरीर का तापमान 108 से 110 फारेनहाइट तक पहुंच जाता है। इससे दवा से बुखार कम नहीं होता। लू लगने पर शरीर में मौजूद प्रोटीन खराब हो जाते हैं। इससे किडनी, हृदय, मस्तिष्क, लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंग खराब हो जाते हैं।
इस वजह से लू लगने पर मृत्यु दर 80 प्रतिशत तक है। लू पीड़ित मरीज को बचाने के लिए शरीर का तापमान जल्दी कम करना जरूरी होता है। इसके मद्देनजर हीट स्ट्रोक यूनिट 200-250 किग्रा क्षमता के दो कूलिंग टब की व्यवस्था है। साथ ही एक बार में 200-250 किग्रा बर्फ बनाने वाला एक उच्च क्षमता का रेफ्रिजरेटर है।
इस बार अब तक लू से पीड़ित मरीज नहीं आए हैं। लू के मरीज के अस्पताल पहुंचने पर उसे तुरंत इस टब में बैठाकर शरीर का तापमान कम किया जा सकेगा। हीट स्ट्रोक यूनिट में वेंटिलेटर से युक्त दो आइसीयू बेड हैं।
इसके अलावा एक एसीएलएस एंबुलेंस में इन्फ्लेटेबल कूलिंग टब, तिरपाल, आइस बाक्स, ओआरएस व आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। लू से पीड़ित मरीज की मदद के लिए अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर 011-23404446 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंचेगी और पैरामेडिकल कर्मचारी मरीज को कूलिंग टब में डालकर या तिरपाल पर लेटाकर बर्फ से शरीर को ठंडा करेंगे। संकरी गलियों में बाइक एंबुलेंस भेजकर मरीज का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैट्स एंबुलेंस को भी लू लगने से पीड़ित मरीज की मदद के लिए व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि खुली जगह पर काम करने वाले व बेघर लोगों के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें लू न लगने पाए।
लू से बचाव का तरीका
- शरीर का हाइड्रेशन ठीक रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ का इस्तेमाल करें।
- दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- मौसमी फल सब्जियों का इस्तेमाल अधिक करें।
- अधिक देर तक धूप में न रहें।
- धूप में निकलने पर छाते का इस्तेमाल करें या फिर कपड़े को चेहरे से ढंक कर रखें।
- बाहर निकलने पर साथ में पानी रखें, धूप लगने पर तुरंत छांव में जाएं।
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