नई दिल्ली/सोनीपत, जागरण संवाददाता। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के लाखों वाहन चालकों के लिए हरियाणा पुलिस की ओर से राहत भरी खबर आई है। हरियाणा पुलिस ने पिछले तकरीबन साढ़े तीन माह से बंद पड़े केजीपी-केएमपी के टोल प्लाजा को मंगलवार को शुरू करा दिया। वहीं, किसान नेताओं ने कहा कि बिना मांगें पूरी हुए दोनों टोल फ्री करवाकर सरकार और पुलिस ने ठीक नहीं किया, ऐसे में टकराव की नौबत आ सकती है।

जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनीपत स्थित खरखौदा के पिपली टोल प्लाजा पर डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और दोनों टोल को शुरू करवाया। इस दौरान एसडीएम, खरखौदा डा. अनमोल व थाना प्रभारी विवेक मलिक भी मौजूद रहे। इसी प्रकार अन्य टोल प्लाजा भी पुलिस बल की मौजूदगी में शुरू करवाए गए। केजीपी पर कुंडली से पलवल तक रोजाना टोल कंपनी को करीब 90 लाख और केएमपी पर मानेसर-पलवल तक करीब 70 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था।

गौरतलब है कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे आंदोलनरत किसानों ने 25 दिसंबर को पहली बार जिले के टोल प्लाजा फ्री करवा दिए थे। इसके बाद बीच में कई बार प्रशासन की तरफ से इन्हें चालू करवाया गया, लेकिन किसानों के के द्वारा बार-बार फ्री करवाया जाता रहा। मंगलवार को डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार पिपली टोल प्लाजा पर पहुंचे और टोल को शुरू कराया। दोपहर बाद तक भारी संख्या में पुलिस टोल पर तैनात रही।

सुदर्शन सिंह (मैनेजर, केएमपी, जीरो प्वाइंट) का कहना है कि केजीपी-केएमपी टोल फ्री रहने से रोजाना कंपनी को मोटा का नुकसान उठाना पड़ रहा था। कुंडली से मानेसर-पलवल तक करीब 70 लाख रुपये रोजाना नुकसान हो रहा था। वाहनों की संख्या के मुताबिक टोल संग्रहण कम या ज्यादा होता रहता है। उनका कहना है कि दोनों टोल के चालू होने से हम घाटे की भरपाई तो नहीं कर सकते हैं, लेकिन वाहन चालों को बड़ी राहत मिली है।

टोल शुरू करवाकर ठीक नहीं किया

मंगलवार को पिपली टोल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर प्रदेश के टोल फ्री करवाए गए थे, लेकिन सरकार केजीपी-केएमपी के टोल शुरू करवा दिए हैं, जिससे किसानों और प्रशासन में टकराव की संभावना बन गई है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए।

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