नई दिल्ली, जेएनएन। देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस ने ऐसे चोर/ठग को गिरफ्तार किया है, जिसकी 100 गर्लफ्रेंड हैं। यह शातिर चोर पिछले कुछ सालों के दौरान अपनी गैंग के साथ हजारों लोगों को ठगी कर चुका है। ज्यादातर लोगों को बैंक एटीएम में फ्रॉड करके चूना लगा चुका है। यह ठगी उसने पूरे देश में की है। वहीं, जब दिल्ली पुलिस ने इस शातिर ठग टोनी डागर टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है तो उसकी ज्यादातर गर्लफ्रेंड उसे छुड़ाने के लिए पुलिस और कोर्ट के चक्कर लगा रही हैं।

टोनी के दो साथी उत्तराखंड की जेल में बंद

दिल्ली पुलिस का दावा है कि जगप्रवेश उर्फ टोनी डागर टाइगर अब तक देश भर के करीब हजारों एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये निकाल चुका है। इतना ही नहीं, इस गैंग के दो और शातिर सदस्य प्रवीण और अजय पहले से उत्तराखंड की जेल में बंद हैं। 

लोगों के ठगने का सामान भी जब्त

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह से एटीएम क्लोन करने वाली मशीन, सैट कीपैड वाला कैमरा, दो क्लोन एटीएम कार्ड, एटीएम माउथ चिप के साथ कई और इलेक्ट्रॉनिक समान और एक ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ कार भी जब्त की है।

एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर करता था ठगी

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि शातिर टोनी अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर ATM कार्ड क्लोनिंग कर लोगों को ठगता था। इस शातिर मास्टरमाइंड तकरीबन 100 गर्लफ्रेंड हैं। ठगी के ज्यादातर पैसे वह इन्हें गर्लफ्रेंड पर लुटाता था।

पुलिस की मानें तो टोनी डागर टाइगर ठगी के इस गैंग का सरगना (Mastermind) है। टोनी ने अपने शातिर दिमाग के जरिये अब तक हजारों लोगों के अकाउंट को हैक कर करके लाखों रुपये जमा कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि ATM क्लोनिंग के जरिए यह गैंग अब तक 10000 से अधिक लोगो को लाखों का चुना लगा चुका है।

सिर्फ 5वीं पास है गैंग का सरगना टोनी

दिल्ली पुलिस की मानें तो मास्टरमाइंड टोनी डागर टाइगर झरोड़ा कलां गांव का रहने वाला है। टोनी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, बल्कि सिर्फ 5वीं पास है।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस की मानें तो यह गैंग उन एटीएम को निशाना बनाते थे, जहां पर गार्ड्स की तैनाती नहीं होती थी। टोनी अपने शातिर साथियों के साथ एटीएम के कीपैड के ऊपर कैमरा इंस्टॉल कर देता था। फिर एटीएम की स्वैप मशीन के ऊपर एटीएम स्क्रीनिंग मशीन लगा देते थे। इसके बाद जैसे ही उपभोक्ता एटीएम से पैसे निकालने की प्रक्रिया को अंजाम देता उसका पूरा डाटा स्कीमिंग मशीन में आ जाता। इसके बाद ये शातिर डाटा और कार्ड क्लोनिंग के जरिये पैसे उड़ा लेते थे।

टोनी की हर शाम गुजरती थी 5 स्टार होटल में

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शातिर टोनी तकरीबन हर शाम दिल्ली के किसी 5 स्टोर होटल में गुजारता था। इस दौरान उसके साथ एक नहीं, बल्कि कई गर्लफ्रेंड साथ होती थीं। अब उसकी ये सारी उसके जेल जाने से परेशान हैं, क्योंकि टोनी अपनी गर्लफ्रेंड के सारे खर्चे उठाता था।

होती है एटीएम कार्ड की क्लोनिंग (ATM card cloning)
साइबर ठग एटीएम, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की क्लोनिंग के लिए मशीन में स्कीमर लगा देते हैं। स्कीमर मशीन को वह स्वाइप मशीन या एटीएम मशीन में पहले ही फिट कर देते हैं। फिर जैसे ही आप कार्ड स्वाइप या एटीएम मशीन में इस्तेमाल करते हैं आपके कार्ड की सारी डिटेल इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद ठग आपके कार्ड की सारी डिटेल कंप्यूटर या अन्य तरीकों के जरिए खाली कार्ड में डालकर कार्ड क्लोन तैयार कर लेते हैं। इसका इस्तेमाल कर ठग दूसरी जगह से पैसे निकाल लेते हैं। इस तरीके से ठग लोगों को लाखों का चूना लगा चुके हैं।

एटीएम में इस तरह लगा देते हैं मशीन
कई एटीएम मशीनों में ठग इस तरह की स्कीमर (Skimmer) मशीन की किट लगा देते हैं। इसमें कीपैड पर एक मेट के तरीके का उपकरण, स्वाइप की जगह कॉपी मशीन और पासवर्ड को देखने के लिए एक बटन जैसा कैमरा लगाया जाता है। इस मशीन में जितने भी एटीएम स्वाइप होते हैं उन सभी का डेटा इसके पास इकट्ठा हो जाता है। इस तरह वह एटीएम कार्ड को क्लोन कर वारदातों को अंजाम देते हैं।

इस तरह करें एटीएम क्लोनिंग और पासवर्ड चोरी से बचाव
जब भी आप एटीएम में जाएं तो सबसे पहले मशीन के कार्ड डालने वाली स्लॉट को देखें, यदि आपको यह स्लॉट थोड़ा ढिला लगता है तो इसमें अपना कार्ड बिल्कुल ना डालें। गौर करिएगा कि इस स्लॉट के पास एक लाइट भी लगी होती है। यदि यह लाइट ना लगी हो या जल ना रही हो तो अपने कार्ड को बिल्कुल भी मशीन में ना डालें। इसी तरह जब भी आप पासवर्ड डालें तो अपने हाथों से कीपैड ढक लें, ताकि किसी तरह का कोई हिडन कैमरा लगा हो तो वह आपका पासवर्ड ना देख सके। यदि आपको एटीएम का कीपैड जरा सा भी ढीला लग रहा है तो एटीएम का इस्तेमाल ना करें।

ऐसे बचें धोखाधड़ी से

  • पैसे निकालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि ट्रांजक्शन की पूरी प्रक्रिया के वक्त कोई अन्य व्यक्ति एटीएम के अंदर न हो
  •  ध्यान दें कि एटीएम में कार्ड रीडर मशीन के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ हो और वह ढीला न हो
  • कार्ड ढीले होने से लेन-देन अधूरा रह जाता है, तो ग्राहक उस ट्रांजक्शन को 'रद्द करें'
  •  बाहर निकलने से पहले होम स्क्रीन देखकर निकलें

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Posted By: JP Yadav

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