नई दिल्ली [संतोश कुमार सिंह]। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के विरोध में किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन की वजह से रेल परिचालन बाधित हुआ है। हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी रेलवे लाइन पर धरना दे रहे हैं। इस वजह से उत्तर रेलवे के अलग-अलग स्टेशनों पर वंदे भारत, कालका व अमृतसर शताब्दी सहित दस से ज्यादा ट्रेनों को रोका गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे लाइन की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखकर कुछ स्थानों पर ट्रेनें रोकी गई हैं।

किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन पर दिल्ली रेलवे के DCP हरेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक हमें कहीं भी किसी भी ट्रैक पर बाधा होने और ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी नहीं है। हम पड़ोसी राज्यों की GRP और RPF के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, अगर वहां कोई दिक़्क़त आए तो हम दिल्ली में उसके लिए तैयार हैं।

किसान संगठनों ने 18 अक्टूबर को सुबह दस से शाम चार बजे तक रेल रोकने का एलान किया है। इसे ध्यान में रखकर रविवार रात से ही रेलवे स्टेशनों व पटरियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। दिल्ली सहित उत्तर रेलवे के अन्य स्टेशनों पर सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान रेलवे स्टेशनों व पटरियों की निगरानी कर रहे हैं। दिल्ली में कहीं भी प्रदर्शनकारी रेलवे लाइन तक नहीं पहुंच सके हैं, लेकिन उत्तर रेलवे के क्षेत्र में आने वाले हरियाणा, पंजाब उत्तर प्रदेश में 30 से ज्यादा स्थानों पर रेल परिचालन बाधित किया गया है। बहादुरढ़, सोनीपत, पानीपत, हापुड़ सहित कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठे हुए हैं।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि नई दिल्ली- श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत, कालका-नई दिल्ली शताब्दी, नई दिल्ली-कालका शताब्दी, नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी, अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी ट्रेन विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी हैं। सात अन्य ट्रेनों के परिचालन में बाधा आई है। रेलवे लाइन से प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद ट्रेनों को गंत्व्य की ओर रवाना किया जाएगा।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari