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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Pollution Effect: ग्रेप-4 के लागू होने से रुका विकास कार्य, अब दिसंबर में शुरू होगा पंजाबी बाग फ्लाईओवर

Published: Sat, 23 Nov 2024 03:15 PM (IST)

दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण लागू ग्रेप-4 के चलते पंजाबी बाग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुक गया है। फ्लाईओवर ...और पढ़ें

पंजाबी फ्लाईओवर का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
पंजाबी फ्लाईओवर का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

HighLights

  1. फ्लाईओवर पर लग चुकी हैं बिजली के खंभे और लाइटें
  2. सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर पर आधी से अधिक पेंटिंग का कार्य पूरा

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली में ग्रेप-4 लागू होने के कारण पंजाबी फ्लाईओवर से अभी वाहन चालकों को गुजरने के लिए एक महीना और ठहरना होगा, क्योंकि अभी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुका हुआ है। पंजाबी फ्लाईओवर का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फ्लाईओवर पर बिजली के खंभे और लाइटें लग चुकी हैं। सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर पर आधी से अधिक पेंटिंग का कार्य हो गया है।

फ्लाईओवर के पिलर पर भी रंगबिरंगी पेंटिंग बना दी गई है, जो कि लोगों को अपनी आकर्षित कर रही है। यही नहीं फ्लाईओवर के सड़क की तरफ लगे टाइल पर भी नीले रंग का कलर हो गया है। बैरिंग, लाइट कनेक्शन सहित कुछ फिनिशिंग के कार्य ही शेष रह गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर के महीने में फ्लाईओवर वाहन चालकों के लिए शुरू हो जाएगा। नए साल से पहले लोगों को यह तोहफा मिलेगा।

वेस्ट दिल्ली इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर डेवलपमेंट के तहत निर्माण

पंजाबी बाग क्लब रोड स्थित छह लेन वाले फ्लाईओवर को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा वेस्ट दिल्ली इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर डेवलपमेंट के तहत निर्माण किया जा रहा है। फ्लाईओवर पर दोनों तरफ से छह कारें आराम से गुजर सकती हैं। फ्लाईओवर की एक तरफ की चौड़ाई 11.50 मीटर है, जबकि दोनों तरफ की चौड़ाई 23 मीटर है। इसके अलावा फ्लाईओवर की लंबाई 1.1 किलोमीटर की है। 308 करोड़ रुपये की लागत से इस फ्लाईओवर को तैयार किया जा रहा है।

फ्लाईओवर के उद्घाटन की तारीख अभी तय नहीं 

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेप 4 लागू होने के कारण निर्माण कार्य पर 10-15 दिन का फर्क रहेगा। प्रदूषण के कारण अभी बैरिंग लगना, फिनिशिंग होना जैसे जो कार्य रह गए हैं। यह कार्य नियम हटने के बाद ही हो पाएंगे। धूल-मिट्टी उड़ने वाले सभी कार्यों पर रोक लगा दी गई है। जनरेटर चलेगा नहीं, जैमर चलेगा नहीं तो इस वजह से काम में देरी हो रही है। बिना धूल मिट्टी वाले कार्य ही किए जा रहे हैं। प्रयास जारी है कि दिसंबर के महीने में लोगों के लिए इसे शुरू कर दिया जाए। हालांकि फ्लाईओवर के उद्घाटन की तारीख अभी तय नहीं की गई है।

फ्लाईओवर के पिलरों की पेंटिंग लोगों को लुभा रही

फ्लाईओवर के नीचे करीबन 20 अधिक से पिलर बनाए गए हैं जिन पर पेड़ की बेहतरीन डिजाइन बनाई गई है। साथ ही इन पर पीला रंग किया गया है। जबकि पेड़ को भूरे रंग से बनाया गया है। यह डिजाइन वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को लुभा रही है, जिसकी वजह से लोग वीडियो भी बनाकर ले जा रहे हैं।

फ्लाईओवर के यह हो चुके हैं कार्य

1.1 किलोमीटर के फ्लाईओवर के दोनों तरफ की सड़क का निर्माण कार्य हो चुका है। फ्लाईओवर पर चढ़ते और उतरते समय दोनों तरफ की सड़कें भी बनकर तैयार हैं। फ्लाईओवर पर दोनों तरफ बिजली के खंभे और लाइटें लगाने का कार्य भी आधे से अधिक पूरा हो चुका है। फ्लाईओवर के किनारे रेलिंग लग चुकी है। डिवाइडर पर आधी से अधिक जगह पर पेंटिंग हो चुकी है।

पेड़ों की वजह से एक तरफ रखी गईं दो लेन

पंजाबी बाग और मोतीनगर से आने वाले वाहन फ्लाईओवर पर जब चढ़ेंगे तो वहां पर केवल दो कारें ही एक साथ ऊपर चढ़ पाएंगी, क्योंकि यहां पर सड़क के किनारे काफी संख्या में पेड़ लगे हैं, जिसकी वजह से निर्माण कार्य में बांधा आ रही थी। वन विभाग को शिकायत करने के बाद भी जब पेड़ नहीं हटाए गए तो विभाग द्वारा तीन की जगह पर दो लेन बनाकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया है। यही उतरते समय दूसरी तरफ तीन लेन बनी हुई हैं।

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