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    Delhi: प्रधानमंत्री संग्रहालय में खुली प्रधानमंत्री नरेन्द्र गैलरी, राष्ट्रपति पहली आंगतुक बनीं

    Delhi Prime Minister Museum लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री संग्रहालय में दर्शकों को अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घा भी देखने को मिलेगी। मंगलवार से यह आम लोगों के लिए खुल जाएगा। इस संग्रहालय का उद्घाटन 14 अप्रैल 2022 को नरेंद्र मोदी ने ही किया था लेकिन अभी तक खुद उनकी दीर्घा नहीं थी क्योंकि वह पीएम रहते ऐसा नहीं चाहते थे।

    By Nimish Hemant Edited By: Geetarjun Updated: Tue, 16 Jan 2024 12:23 AM (IST)
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    प्रधानमंत्री संग्रहालय में पीएम नरेन्द्र मोदी की दीर्घा का अवलोकन करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री संग्रहालय में दर्शकों को अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घा भी देखने को मिलेगी। मंगलवार से यह आम लोगों के लिए खुल जाएगा। इस संग्रहालय का उद्घाटन 14 अप्रैल 2022 को नरेंद्र मोदी ने ही किया था, लेकिन अभी तक खुद उनकी दीर्घा नहीं थी, क्योंकि वह पीएम रहते ऐसा नहीं चाहते थे, लेकिन दर्शकों की यह मांग खूब थी। उद्घाटन के बाद से संग्रहालय में लगभग 7.5 लाख आगंतुक आ चुके हैं।

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    आखिरकार यह मामला गृह मंत्री अमित शाह के पास गया, जिसपर पिछले वर्ष ही मोदी की भी दीर्घा का निर्माण तय किया गया। अब अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा व लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अब इसके जरिए प्रधानमंत्री के बाल्य जीवन, मुख्यमंत्री व बतौर प्रधानमंत्री लिए गए निर्णयों, उसके देश पर प्रभाव, विदेश यात्रा और उनके मायने समेत अन्य अनछूए पहलुओं से रूबरू हो सकेंगे। जिसे डिजिटल डिस्प्ले के रूप में प्रदर्शित किया गया है। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस दीर्घा की पहली आगंतुक बनीं।

    नरेंद्र मोदी की दीर्घा को सुशासन, पर्यावरण, नए भारत की बुनियाद, अंतरराष्ट्रीय सद्भाव, विज्ञानोदय, सांस्कृतिक धरोहर, जन भागीदारी और सुरक्षा के आठ खंडों में बांटा गया है। इसी तरह, राम मंदिर के निर्माण और अन्य मंदिरों के कायाकल्प को ''संस्कृति'' नामक खंड के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया है। जबकि विज्ञानोदय में चंद्रयान, सूर्ययान समेत सरकार में अन्य उपलब्धियों को रखा गया है। विकास खंड में सेवाओं का डिजिटलीकरण, ईज आफ डूईंग बिजनेस, मेक इन इंडिया समेत अन्य को रखा गया है।

    इस दीर्घा में प्रवेश करते ही दोनों ओर मोदी की तस्वीर और लाल किला की प्राचीर से वर्ष 2021 में दिया गया उनका भाषण यही समय है सही समय है, लिखा है। सुशासन में अत्योदय, सबका साथ, सबका विकास को स्थान दिया गया है। जन भागीदारी में मन की बात, परीक्षा पर चर्चा, जनता से संवाद को रखा गया है।

    राष्ट्रपति ने संग्रहालय में डेढ़ घंटे बिताए। वह पुरानी इमारत में संविधान गैलरी भी गई। तोशखाना को दिलचस्पी से देखा, जहां देश-विदेश के प्रधानमंत्रियों को मिले उपहार प्रदर्शित हैं। इस क्रम में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निजी विंग का दौरा भी किया। संग्रहालय की नई इमारत में राष्ट्रपति ने विभिन्न प्रधानमंत्रियों की दीर्घाओं में जाने से पहले आजादी एवं एकजुटता दीर्घा देखी। राष्ट्रपति ने संग्रहालय की सराहना की और आगंतुक पुस्तिका में भी लिखा कि "मुझे विश्वास है कि हर भारतीय नागरिक जो यहां आएगा और संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं को देखेगा, उसे गर्व महसूस होगा।"

    इस अवसर पर पीएम संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) कार्यकारी परिषद के सदस्य, अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश, निदेशक संजीव नंदन सहाय, विनय सहस्रबुद्धे और स्वपन दासगुप्ता सहित अन्य भी उपस्थित थे।