जानिए कैसे दिल्ली में बदले सियासी समीकरण, भाजपा ने लगातार तीसरी बार यूपी से संबंधित नेता को सौंपी कमान
राष्ट्रीय जनसंघ से लेकर कुछ वर्ष पहले तक भाजपा में आजादी के समय दिल्ली आने वाले परिवारों या हरियाणवी व पंजाबी पृष्ठभूमि के लोगों को प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण पद मिलते थे
संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। एक समय था जब दिल्ली की सियासत पंजाबी, हरियाणवी और यहां के मूल निवासियों के इर्द-गिर्द घूमती थी। यही कारण था कि यहां सभी पार्टियों की कमान इन्हीं के पास रहती थी। उत्तर प्रदेश व बिहार के लोगों का यहां के राजनीतिक गलियारे में विशेष महत्व नहीं था। समय के साथ यहां बड़ी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग आकर बस गए तो राजधानी का सियासी समीकरण भी बदल गया। चुनावी समीकरण को ध्यान में रखकर सभी पार्टियों ने वहां के लोगों को महत्व दिया है। भाजपा ने तो इन राज्यों से जुड़े नेताओं को कमान ही सौंप दी है। आदेश गुप्ता लगातार तीसरे प्रदेश अध्यक्ष है जिनकी पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश से है।
राष्ट्रीय जनसंघ से लेकर कुछ वर्ष पहले तक भाजपा में आजादी के समय दिल्ली आने वाले परिवारों या हरियाणवी व पंजाबी पृष्ठभूमि के लोगों को प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण पद मिलते थे। वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव के बाद बाद पार्टी में यह परंपरा टूट गई। वर्ष 2014 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पार्टी ने सतीश उपाध्याय को दिल्ली भाजपा की कमान सौंपी थी। उपाध्याय की पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में हुई है, लेकिन इनका परिवार मूलरूप से आगरा का रहने वाला है।
मनोज तिवारी का घर वाराणसी में
नवंबर, 2016 में पार्टी ने पूर्वांचल के मतदाताओं को ध्यान में रखकर उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि तिवारी मूलरूप से बिहार के कैमूर जिले से हैं लेकिन उनकी पढ़ाई लिखाई वाराणसी में हुई है। उनका घर भी वाराणसी में है। अब इनकी जगह उत्तर प्रदेश के कन्नौज से संबंधित आदेश गुप्ता दिल्ली भाजपा के मुखिया बने हैं।
देश के विभाजन के समय में काफी संख्या में लोग पाकिस्तान से दिल्ली पहुंचे। उन लोगों के बीच राष्ट्रीय जनसंघ का अच्छा जनाधार था। इसी तरह से दिल्ली में रहकर व्यापार करने वाले पंजाबी व हरियाणवी लोगों में भी जनसंघ व भाजपा की अच्छी पकड़ थी। यही कारण है कि शुरू से दिल्ली में जनसंघ व भाजपा के अधिकांश बड़े नेता इन्हीं के बीच से निकले हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की बड़ी राजनीति में सक्रियता
वहीं, रोजगार की तलाश में दिल्ली पहुंचने वाले उत्तर प्रदेश व बिहार के लोगों की राजनीतिक सक्रियता शुरू में कम रहती थी। पिछले दस-पंद्रह वर्षों से तो ये लोग दिल्ली में मकान खरीदकर परिवार सहित रहने भी लगे हैं। राजनीतिक रूप से भी इनकी सक्रियता बढ़ी है और अब सभी पार्टियां इन्हें अपने साथ जोड़ना चाहती हैं।
जनसंघ, जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों की सूची
भारतीय जनसंघ अध्यक्ष
वधि वैद्य गुरु दत्त- 1951-1954
प्रोफेसर बलराज मधोक- 1954-1964
हरदयाल देवगुण- 1964-1966
डॉ. भाई महावीर- 1966-1970
लालकृष्ण आडवाणी- 1970-1972
प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा- 1972-1975
सत्यनारायण बंसल- 1975-1977
जनता पार्टी
प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा- 1977-1980
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों की सूची
अध्यक्ष- अवधि- परिवार की पृष्ठभूमि (किस स्थान से)
प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा-1980-84- विभाजन के समय पाकिस्तान से परिवार यहां आया
केदारनाथ साहनी-1984-1988-विभाजन के समय पाकिस्तान से परिवार यहां आया
मदन लाल खुराना-1988-1993 विभाजन के समय पाकिस्तान से परिवार यहां आया
प्रोफेसर ओम प्रकाश कोहली- 193-196- दिल्ली
केदारनाथ साहनी-196-198 -विभाजन के समय पाकिस्तान से परिवार यहां आया
मांगे राम गर्ग- 1998-2002- मूलरूप से हरियाणा के
मदन लाल खुराना-2002-2003- विभाजन के समय पाकिस्तान से परिवार यहां आया
डॉ. हर्षवर्धन- 19 दिसंबर 2003-7 जनवरी 2009- दिल्ली
प्रोफेसर ओम प्रकाश कोहली-7 जनवरी 2009-15 मई 2010- दिल्ली
विजेंद्र गुप्ता- 15 मई 2010- 15 फरवरी 2013 -दिल्ली
विजय गोयल- 15 फरवरी 2013-19 फरवरी 2014 -दिल्ली
डॉ. हर्षवर्धन-19 फरवरी 2014-9 जुलाई 2014 - दिल्ली
सतीश उपाध्याय-9 जुलाई 2014-30 नवंबर 2016- आगरा, उत्तर प्रदेश
मनोज तिवारी-30 नवंबर 2016-2जून 2020 -कैमूर, बिहार (वाराणसी में भी घर)
आदेश कुमार गुप्ता- 2जून 2020 को अध्यक्ष बनाए गए- कन्नौज, उत्तर प्रदेश
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