नई दिल्ली/ साहिबाबाद, जागरण संवाददाता। यूपी गेट पर जारी कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी कम और टेंट ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं खाली पड़े टेंट और पंडाल में पुलिसकर्मी आराम फरमाते हैं। दिन रात ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए ये टेंट रहने की जगह बन गए हैं। तीन कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर 28 नवंबर 2020 को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन शुरू हुआ था।

इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। उनके रहने के लिए टेंट व खाने-पीने के लिए भंडारे शुरू किए गए। देखते ही देखते यहां उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब समेत विभिन्न प्रदेशों से प्रदर्शनकारी पहुंचना शुरू हो गए।

अब यूपी गेट का नजारा बदला-बदला है। यहां टेंट और भंडारे के लिए लगे पंडाल तो हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश में न तो खाना बनाने वाले हैं और न ही प्रदर्शनकारी। टेंट खाली पड़े हैं और इनमें यहां ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मी धूप और गर्मी से बचाव के लिए वक्त बिता रहे हैं। यहां मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है कि खाली पड़े हैं तो क्या करें हम ही आराम कर लें।

आंधी ने उखाड़ दिए डेढ़ दर्जन टेंट व पंडाल यूपी गेट पर लगे टेंट व पंडाल को शुक्रवार शाम आई तेज आंधी से भी काफी नुकसान पहुंचा है। इससे करीब डेढ़ दर्जन टेंट-पंडाल को आंधी ने उखाड़ दिया है। पंडाल को ठीक करने में जुटे बिहार निवासी सुरेश बताते हैं कि करीब 20 से 25 लोग इन्हें ठीक करने में लगे हैं। वह पिछले कई महीने से यहीं हैं। इससे पहले वह नोएडा व दिल्ली में शादी विवाह मंडल में यही काम करते थे।

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