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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi News: राहुल गांधी पर टिप्पणी कर फंस सकते हैं केंद्रीय मंत्री बिट्टू, हाईकोर्ट में कार्रवाई के लिए याचिका दायर

Published: Wed, 18 Sep 2024 09:13 PM (IST)

Delhi News दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप ...और पढ़ें

राहुल गांधी पर टिप्पणी कर फंस सकते हैं केंद्रीय मंत्री बिट्टू।
राहुल गांधी पर टिप्पणी कर फंस सकते हैं केंद्रीय मंत्री बिट्टू।

HighLights

  1. राहुल गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
  2. याचिकाकर्ता सुरजीत यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जनहित याचिका।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। हिंदू सेना अध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने याचिका दायर कर कहा कि वह बिट्टू की टिप्पणी की से व्यथित हैं।

सुरजीत यादव ने राहुल के विरुद्ध अपमानजनक, भ्रामक और झूठे बयानों के लिए शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ बिट्टू के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है।

याचिका में क्या कहा गया

याचिका के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि राहुल गांधी भारतीय नहीं हैं, उन्होंने अपना अधिकांश समय बाहर बिताया है। वह अपने देश से ज्यादा प्यार नहीं करते, क्योंकि वह विदेश जाते हैं और हर बात गलत तरीके से कहते हैं। मोस्ट वांटेड, अलगाववादियों और बम, बंदूक और गोले बनाने में माहिर लोगों ने राहुल गांधी की बात की सराहना की है। अगर नंबर वन आतंकवादी और देश के सबसे बड़े दुश्मन को पकड़ने का पुरस्कार होना चाहिए तो वह राहुल गांधी को मिलना चाहिए।

मंत्री की टिप्पणी भड़काने वाली

सुरजीत यादव ने याचिका में तर्क दिया कि केंद्रीय मंत्री द्वारा की गई टिप्पणियां न केवल निराधार हैं, बल्कि नफरत और हिंसा को भी भड़काती हैं। इसके कारण देश के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

राहुल गांधी को बताया है आतंकी

यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी में उन्हें देश का दुश्मन और आतंकवादी बताया गया है, जिसका बहुआयामी और महत्वपूर्ण प्रभाव है। ये टिप्पणियां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा सकती है और संसदीय सत्रों और सार्वजनिक बहसों में टकराव बढ़ सकता है।