नई दिल्ली, एएनआइ/जेएनएन।  साउथ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने बुधवार को बताया कि शाहीन बाग में पिस्तौल लहराने वाले के खिलाफ आईपीसी की धारा 336 (दूसरों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने), धारा 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपित से पूछताछ की गई तो पिस्टल का लाइसेंस होना पाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

वहीं, बंदूक लहराने वाले लुकमान ने बताया कि वह शाहीन बाग में 30 साल से रह रहा है। वहां प्रदर्शनकारियों से सड़क खोलने के लिए बोलने गया था। मैं हमेशा अपनी बंदूक अपने पास रखता हूं, किसी ने इसे देखा और इसे निकाल लिया, मुझे नहीं पता कि यह कौन था।

बता दें कि शाहीन बाग धरनास्थल पर मंगलवार दोपहर उस वक्त खलबली मच गई जब कि करीब दर्जन भर लोग यहां घुस आए और एक तरफ की सड़क खोलने की मांग करने लगे। इनमें से एक युवक ने पिस्तौल लहराते हुए धरना खत्म करने के लिए धमकी देने लगा। 

युवक ने कहा कि धरने की वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि धरने पर बैठी महिलाओं व अन्य प्रदर्शनकारियों ने उसे धक्का मारकर मंच के पास से दूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद युवक अपने साथियों के साथ वहां से चला गया।

इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं गई है। हालांकि, शाहीन बाग धरने के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर कहा गया है कि ये लोग दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग हो सकते हैं। ये दोबारा हमला कर सकते हैं इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को धरनास्थल पहुंचने की अपील की गई है।

वहीं, स्थानीय लोग इस घटना को प्रदर्शनकारियों को जुटाने का स्टंट भी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि जैसे ही धरनास्थल पर लोगों की संख्या कम होने लगती है, प्रदर्शनकारियों की ओर से ऐसी अफवाह उड़ाकर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में धरनास्थल पर पहुंचने की अपील की जाती है। कभी टेंट उखाड़ने तो कभी भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के आने की अफवाह फैलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को धरनास्थल पर पहुंचने की अपील की जाती है। इस पर तुरंत मौके पर पहुंच जाते हैं।

बता दें कि शाहीन बाग में एक महीने से अधिक समय से धरना प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी रोड पर कब्जा किए हुए हैं। इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मेरी पत्नी को कुछ हुआ तो प्रदर्शनकारी होंगे जिम्मेदार

दिल्ली-नोएडा मार्ग पर शाहीन बाग में सड़क पर कब्जा जमाए प्रदर्शनकारियों की वजह से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही महिला के पति ने कहा कि मेरी पत्नी को कुछ भी होता है तो इसके जिम्मेदार प्रदर्शनकारी होंगे। क्योंकि इन लोगों के प्रदर्शन की वजह से ही समय पर एंबुलेंस मदनपुर खादर नहीं पहुंच पाई जिससे उनकी पत्नी की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है।

इस बीच जाम में अन्य लोगों के हाथ-पैर जोड़कर ऑटो से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने रविवार से मायावती को वेंटिलेटर पर रखा है। स्वजनों के मुताबिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। मौर्या मंगलवार को इस बाबत पुलिस से शिकायत भी करेंगे।

शनिवार को जब देवता प्रसाद मौर्या की पत्नी की तबीयत हृदयाघात के कारण बिगड़ने लगी तो उन्होंने एंबुलेंस भी घर पर बुलाया, लेकिन प्रदर्शन की वजह से मदनपुर खादर की पुलिया पर भारी जाम के बीच एंबुलेंस फंस गई। इसके बाद उन्होंने लोगों से हाथ पैर जोड़कर ऑटो से पत्नी को होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया है।

रोज कमाने वाला आदमी, कैसे दूं लाखों का बिल: पीड़ित मायावती के पति देवता प्रसाद मौर्या ने बताया कि घर में बुजुर्ग मां के साथ दो बेटे हैं, घर चलाने की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है।

पत्नी की तबीयत खराब होने से दो दिन से काम पर नहीं जा पाया हूं। बुजुर्ग मां का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। दोनों बच्चे मां के लिए काफी चिंतित हैं। मौर्या ने बताया कि वह घरो में पेंट करके परिवार का जीवनयापन करते हैं। ऐसे में वह इतने बड़े अस्पताल का बिल कैसे भर पाएंगे।

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