नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। वैश्विक स्तर पर महामारी घोषित हो चुकी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मजबूती के साथ खड़े अखबारों को लेकर अफवाह से विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ चिंतित हैं। केंद्रीय चिकित्सा आयोग के सदस्य एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. हरीश गुप्ता का कहना है कि अखबारों से संक्रमण फैलने की आशंका बिल्कुल निराधार है। अभी तक कहीं से ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि अखबारों से संक्रमण बढ़ा हो। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अखबारों के योगदान की तारीफ कर चुके हैं।

दरअसल, कुछ दिनों से यह अफवाह उड़ रही थी कि अखबारों से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है, जबकि विशेषज्ञ मानते हैं कि वास्तव में ऐसा नहीं है। अखबार की प्रिंटिंग से लेकर वितरण तक कार्य बहुत ही सुरक्षित तरीके से किया जाता है। ऐसे में इससे संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। डॉ. हरीश गुप्ता ने कहा कि बहुत पहले अखबार में सारा काम हाथों से होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। लोगों का स्थान मशीनों ने ले लिया है। छपाई के दौरान भी अखबारों को सैनिटाइज किया जा रहा है। ऐसे में इससे कोई खतरा नहीं है। सुबह जो कर्मयोगी आपके पास अखबार लेकर आते हैं वे भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखबार सूचना का सबसे प्रामाणिक माध्यम हैं। मौजूदा संकट में इनकी भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है और ये अपनी भूमिका का निर्वाह भी कर रहे हैं। अखबार न केवल लोगों को जागरूक कर रहे हैं, बल्कि अफवाहों का शिकार होने से भी बचा रहे हैं।

नियमित रूप से पढ़ रहे अखबारे

प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गोयल का भी मानना है कि अखबारों से संक्रमण फैलने की बात गलत है। उन्होंने बताया कि हम लोग नियमित तौर पर अखबार पढ़ रहे हैं। जब घर या कार्यालय में अखबार सीधे पहुंच रहा है तो कोई खतरा नहीं हो सकता। आज अधिकांश देशों में कोरोना की स्थिति गंभीर हो चुकी है, लेकिन कहीं पर भी अखबार पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। यह साबित करता है कि अखबारों से संक्रमण नहीं होता है। स्टील, प्लास्टिक या लकड़ी की सतह पर इसका वायरस लंबे समय तक रह सकता है। इसलिए आपको उनसे बचने की सलाह दी जा रही है। अखबार सैनिटाइज होकर ही हमारे-आपके पास पहुंच रहा है।

Posted By: Neel Rajput

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