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    Parliament Security Breach: मार्च और जुलाई में हुई थी संसद भवन की कार्यवाही की रेकी, ये था पूरा प्लान

    By Rakesh Kumar SinghEdited By: Pooja Tripathi
    Updated: Thu, 14 Dec 2023 02:21 PM (IST)

    संसद की सुरक्षा में बुधवार को हुई चूक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। जांच में सामने आ रहा है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए संसद भवन की दो बार रेकी की गई थी। संसद भवन की रेकी सागर और मनोरंजन ने इसी साल के मार्च और जुलाई महीने में की थी। उनका पहला प्रयास सफल रहा था जबकि...

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    संसद में घुसकर स्मोक हमला करने वाला सागर लाल घेरे में। वीडियो ग्रैब

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। संसद की सुरक्षा में बुधवार को हुई चूक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। जांच में सामने आ रहा है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए संसद भवन की दो बार रेकी की गई थी।

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    संसद भवन की रेकी सागर और मनोरंजन ने इसी साल के मार्च और जुलाई महीने में की थी। इन्हें पहली बार में ही बड़ी सफलता मिल गई थी जबकि दूसरी बार में उन्हें मायूसी हाथ लगी।

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    दो बार रेकी करने पहुंचे थे सागर और मनोरंजन

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार सागर और मनोरंजन मार्च और जुलाई में संसद भवन की कार्यवाही की रेकी करने पहुंचे थे। इन दोनों ने पुरानी संसद की कार्यवाही की रेकी की थी। जुलाई में सागर शर्मा संसद भवन के पास आया था लेकिन अंदर नहीं घुस पाया था।

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    हालांकि मनोरंजन जब मार्च में आया था तब वह पास के जरिए संसद भवन के अंदर चला गया था। उसने कार्यवाही को देखकर सब चीज को समझ लिया था। यह उसकी रेकी थी।

    सागर और मनोरंजन कैसे पहुंचे संसद भवन

    1. इंटरनेट मीडिया में फेसबुक पेज (भगत सिंह फैन पेज) पर मनोरंजन, नीलम, अमोल और ललित से मुलाकात हुई।
    2. करीब डेढ़ साल पहले वह सभी सामाजिक मुद्दों को एकल माध्यम से उठाने के लिए मैसूर में मिले थे।
    3. लगभग नौ माह पहले वह मिले और अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए संसद का उपयोग करने का निर्णय लिया।
    4. संसद की रेकी करने के लिए मनोरंजन पास की मदद से मार्च में बजट सत्र के दौरान दर्शक बन कर संसद गया था।
    5. जुलाई में सागर स्वयं संसद आया था और संसद में अंदर जाए बिना ही लखनऊ वापस चला गया।
    6. सागर गोमती एक्सप्रेस में बैठकर लखनऊ से दिल्ली के लिए आया था।
    7. वो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। एक घंटे बाद अमोल महाराष्ट्र से और नीलम उचाना, हिसार से दिल्ली आ गई। सभी मेट्रो स्टेशन पर मिले।
    8. 10 तारीख को रात में सागर, नीलम और अमोल गुड़गांव में विक्की (मनोरंजन का दोस्त) के घर पहुंचे। विक्की शर्मा गुड़गांव के सेक्टर- 7 में मकान नंबर 67 में एक एक मंजिला इमारत में रहता है। रात में ललित आया और अगली सुबह मनोरंजन फ्लाइट से आया। सागर, अमोल, ललित और मनोरंजन की यही पहले मुलाकात हुई थी।
    9. वे संसद में आगंतुकों के लिए पास की व्यवस्था करने के लिए तीन रात और दो दिन गुड़गांव में रुके और 14 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। लेकिन उन्हें पहले ही पास मिल गया और उन्होंने आज ही विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया।
    10. सागर सुबह लगभग साढ़े पांच बजे हुड़ा सिटी सेंटर से आनंद विहार के लिए निकला। उसे वहां अपना आधार कार्ड लेना था जो उसके पारिवारिक मित्र अंश ने यूपी रोडवेज के बस ड्राइवर के माध्यम से भेजा था। आधार कार्ड लेने के बाद सागर मेट्रो से सागर (सांसद के पीए) से 18 महादेव रोड पर विजिटर पास लेने चला गया। विजिटर पास लेने के बाद सागर राजीव चौक गया फिर वहां से झंडे खरीदने के लिए सदर गया और समूह के बाकी लोगों से मिलने के लिए इंडिया गेट वापस आ गया।
    11. नीलम, मनोरंजन, ललित और अमोल गुड़गांव से कैब से आए और सागर का इंतजार करने लगे।
    12. स्मोक बम अमोल ने लातूर में खरीदा था जिसे बाद में सागर ने कुर्ला से एकत्रित किया था।
    13. सागर ने जूते खरीदे और स्थानीय मोची की मदद से उन जूतों में छेद कराया और उसे बंद करवा दिया।
    14. इन सभी ने इंडिया गेट पर करीब आधे घंटे तक मीटिंग की। बैठक में निर्णय लिया कि वे धुआं बम नहीं फेंकेंगे, बल्कि उन्हें अपने हाथों में पकड़ लेंगे ताकि यह पता चल सके कि ये बम हानिरहित हैं। तय हुआ कि सागर और मनोरंजन संसद में प्रवेश करेंगे और दोनों को पीले रंग का एक-एक स्मोक (धुआं) बम दिया गया, जिसे उन्होंने अपने जूतों के अंदर छिपाया। सागर ने जूतों में कुछ पर्चे भी छिपा रखे थे। चूंकि स्मोक बम फेंकने के बाद उन्हें पर्चे फेंकने थे।
    15. जबकि नीलम, अमोल और ललित झा को संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करना था।
    16. दोपहर करीब 12 बजे सागर और मनोरंजन संसद में घुसे और संसद में स्मोक बम फेंक दिया।
    17. विरोध प्रदर्शन करते हुए समूह द्वारा लगाए गए नारे- हिंदुस्तान जिंदाबाद, जय हिंद, जय भीम, तानाशाही बंद करो, लोकतंत्र बचाओ-संविधान बचाओ, भाजपा सरकार होश में आओ।