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    Delhi Violence : दिल्ली हिंसा में क्राइम ब्रांच कर सकती है उमर खालिद से पूछताछ, FIR में कई गंभीर आरोप

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Thu, 23 Apr 2020 11:59 AM (IST)

    Delhi Violence पुलिस ने एफआइआर में दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगा एक पूर्व नियोजित साजिश थी जो कथित तौर पर उमर खालिद व दो अन्य ने रची थी।

    Delhi Violence : दिल्ली हिंसा में क्राइम ब्रांच कर सकती है उमर खालिद से पूछताछ, FIR में कई गंभीर आरोप

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Violence :  फरवरी महीने में उत्तर पूर्वी दिल्ली के तकरीबन दर्जन भर इलाकों में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जल्द ही उमर खालिद से पूछताछ कर सकती है। बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने हाल ही में मामला दर्ज किया है। दरअसल, पुलिस उमर के खिलाफ एक भड़काऊ भाषण की जांच कर रही है। इस मामले में 6 मार्च को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उमर खालिद के खिलाफ हिंसा की साजिश का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। इस FIR में भड़काऊ भाषण का जिक्र है। 

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    गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 2 छात्रों मीरान हैदर और सफूरा जरगर सहित AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर भी गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज किया है।

    बता दें कि मीरान हैदर पीएचडी छात्र है और दिल्ली में राजद की युवा इकाई का अध्यक्ष है, वहीं जरगर जामिया मिल्लिया इस्लामिया से एमफिल कर रही हैं।

    पुलिस ने एफआइआर में दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगा एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जो कथित तौर पर उमर खालिद व दो अन्य ने रची थी। छात्रों पर देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और दंगे करने का भी मामला है।

    एफआइआर के मुताबिक खालिद ने कथित तौर पर दो स्थानों पर भड़काऊ भाषण दिए थे और भारत में अल्पसंख्यकों का हाल कैसा है, इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के दौरान लोगों से सड़क पर उतरकर बंद करने के लिए कहा था।

    एफआइआर में दावा है कि इस साजिश में हथियार, पेट्रोल बम, तेजाब की बोतलें और पत्थर कई घरों में इकट्ठे किए गए थे। पुलिस का आरोप है कि सह आरोपी दानिश को दंगों में हिस्सा लेने के लिए दो जगहों पर लोगों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें महिलाओं और बच्चों से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क को 23 फरवरी को बंद कराया गया।