नई दिल्ली, जेएनएन। गुजरात के पाटीदार आंदोलन से उभरे कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शुक्रवार रात को पहुंचने के बाद नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआइ) को जेएनयू छात्र संघ चुनाव समिति की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एनएसयूआइ को इस मामले में 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा गया है। चुनाव समिति के अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि छात्र संगठन का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एनएसयूआइ का नामांकन रद हो सकता है।

मशाल जुलूस में शामिल होने आए थे हार्दिक

एनएसयूआइ पर आरोप है कि शुक्रवार को रात के समय जेएनयू कैंपस में एनएसयूआइ के मशाल जुलूस में हार्दिक पटेल शामिल होने के लिए आए थे। खुद एनएसयूआइ ने इसके लिए पोस्टर भी तैयार किए थे जिनमें लिखा था कि मशाल जुलूस में हार्दिक पटेल शामिल होंगे और इसमें मौजूद कार्यकर्ताओं और छात्रों को संबोधित भी करेंगे।

विश्‍ववद्यालय में आचार संहिता लागू

जेएनयू छात्र संघ के मुख्य चुनाव आयुक्त शशांक पटेल ने बताया कि हार्दिक पटेल जेएनयू में रात 10 बजे के करीब गंगा ढाबा के पास आए थे। तभी छात्र संघ चुनाव समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें नियमों से अवगत कराया और कहा कि विश्वविद्यालय में आचार संहिता लागू है और यह उसकी अवेहलना है। चुनाव के नियमों के अनुसार कोई भी बाहरी व्यक्ति छात्र संगठनों के लिए प्रचार नहीं कर सकता है। वहीं इस मामले पर एनएसयूआइ के जेएनयू प्रभारी सनी मेहता ने कहा कि हार्दिक पटेल वहां प्रचार के लिए नहीं आए थे, बल्कि अपने दोस्तों के साथ मिलने और एक ढाबे में चाय पीने आए थे।

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