'दिल्ली में 10 फीसदी महिलाओं को भी नहीं मिलेगा योजना का लाभ', महिला सम्मान योजना पर बोली AAP
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद विपक्षी पार्टी की ओर से बयान आने शुरू हो गए हैं। पार्टी के नेता लगातार रेखा सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने महिला समृद्धि योजना लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद विपक्षी पार्टी की ओर से बयान आने शुरू हो गए हैं।
पार्टी के नेता लगातार रेखा सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।
10% महिलाओं को भी लाभ नहीं मिलेगा
संजय सिंह ने कहा कि यह वादा मोदी सरकार का एक तरह का जुमला है। पता चल रहा है कि इस योजना के तहत 10% महिलाओं को भी लाभ नहीं मिलेगा।
संजय सिंह ने कहा कि जो जानकारी सामने आ रही है उससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री जब भी कुछ कहते हैं तो देश की जनता को उस पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि, उनका हर वादा जुमला ही निकलता है। इसके बाद संजय सिंह ने कहा कि बाकी डिटेल सामने आने के बाद आपको सब पता चल जाएगा।
आतिशी ने दिल्ली सरकार को घेरा
दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं को 2500 रुपये देने के लिए 'महिला समृद्धि योजना' को मंजूरी दिए जाने पर दिल्ली की विपक्ष की नेता और आप नेता आतिशी ने कहा, "पीएम मोदी ने अपनी एक रैली में वादा किया था कि 8 मार्च को महिलाओं के खाते में 2500 रुपये जमा किए जाएंगे।
#WATCH | On Delhi government approves 'Mahila Samridhi Yojana' to provide Rs 2500 to women, Delhi LoP and AAP leader Atishi says, "PM Modi in one of his rally promised that on 8th March Rs 2500 will be deposited into the account of the women... Today was the day, and the women of… pic.twitter.com/CyE5EQz8EQ
— ANI (@ANI) March 8, 2025
उन्होंने कहा, "आज वह दिन था, और दिल्ली की महिलाएं इंतजार कर रही थीं। लेकिन, आज, भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने साबित कर दिया है कि यह पीएम मोदी की गारंटी नहीं बल्कि 'जुमला' था। पैसे देना तो दूर की बात है, महिलाओं को कोई योजना या पंजीकरण के लिए पोर्टल तक नहीं मिला। उन्हें 4 सदस्यीय समिति मिली।"
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