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    NIRF Ranking 2022: मिरांडा हाउस ने लगाई हैट्रिक, पढ़िये बालीवुड और राजनीति की किन हस्तियों का कालेज से रहा है नाता

    By Vinay Kumar TiwariEdited By:
    Updated: Fri, 15 Jul 2022 01:04 PM (IST)

    NIRF Ranking 2022इस महाविद्यालय से निकलीं अनेकों महिलाएं देश-विदेश में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रही हैं। यहां से बाहर निकलकर अपने साथ-साथ मिरांडा हाउस का नाम रोशन करने वाली महिलाओं में फिल्म अभिनेत्री मल्लिका शेरावत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित का भी नाम दर्ज।

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    NIRF Ranking 2022: दिल्ली के मिरांडा हाउस कालेज ने लगातार तीसरी बार इसमें स्थान हासिल किया है।

    नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। NIRF Ranking 2022: राजधानी दिल्ली स्थित मिरांडा हाउस दिल्ली विश्वविद्यालय का एक प्रतिष्ठित महिला महाविद्यालय है। इस विद्यालय की स्थापना साल 1948 में की गई थी। इस कालेज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग ही पहचान बनाई हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए इस कालेज को पहले भी कई बार पुरस्कार मिल चुके हैं। कालेज में एडमिशन के लिए दिल्ली के बाहर के बच्चों में भी खासा उत्साह रहता है। इस कालेज के नाम पर पहले से कई पुरस्कार दर्ज हैं। मिरांडा हाउस ने इस साल ये पुरस्कार हासिल करके हैट्रिक लगा दी है।

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    अब एनआइआरएफ रैकिंग 2022 में मिरांडा हाउस ने फिर से पहला स्थान प्राप्त किया है। मिरांडा हाउस के बाद दूसरे नंबर पर हिंदू कालेज का नाम है। इसके बाद क्रमश: एलएसआर, आत्मराम सनातन धर्म कालेज, किरोड़ीमल कालेज का नाम शामिल है।

    इस महाविद्यालय से निकलीं अनेकों महिलाएं देश-विदेश में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रही हैं। यहां से बाहर निकलकर अपने साथ-साथ मिरांडा हाउस का नाम रोशन करने वाली महिलाओं में फिल्म अभिनेत्री मल्लिका शेरावत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित का भी नाम दर्ज है। इसके अलावा नंदिता दास, शोभना नारायण, मीरा नायर, अनुजा चौहान, मौनी राय, मिनिषा लांबा, मधुर जाफरी का भी नाम है।

    ये महाविद्यालय 2500 से अधिक छात्राओं को कला (आर्ट्स) और विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है। इसकी शिक्षक भी भी अपनी प्रतिभा और समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं। इससे पहले इंडिया टुडे-नीलसन भारत के बेस्‍ट कॉलेज सर्वे 2016 में मिरांडा हाउस को टॉप आर्ट्स कॉलेज की सूची में पांचवां स्‍थान दिया गया था।

    कालेज का नाम मिरांडा हाउस क्यों रखा गया?

    इस कॉलेज का नाम मिराडा हाउस ही क्यों रखा गया? इसके बारे में कॉलेज के पहले प्रिंसिपल वेद ठाकुरदास ने 1952 में कॉलेज की मैगजीन में प्रकाशित एक लेख में बताया था। उन्होंने इसके लिए तीन कारण बताए। पहला, मॉरिस ग्वेयर को कार्मेन मिरांडा अभिनेत्री पसंद थीं। दूसरा, ग्वेयर की बेटी का नाम मिरांडा था और तीसरा शेक्सपीयर की रचना द टेम्पेस्ट के मुख्य चरित्र का नाम भी मिरांडा ही था।

    इंदिरा गांधी ने रखी थी इस कालेज के पुस्तकालय की नींव

    इस कॉलेज का पुस्तकालय बहुत समृद्ध है। पी. टंडन इस कालेज की लाइब्रेरी के संस्थापक थे। पहले वह लाइब्रेरियन थे। इस पुस्तकालय की नींव 7 मार्च 1973 को इंदिरा गांधी ने रखी थी। यहा वर्तमान में लगभग एक लाख किताबें हैं। इसके डिजिटल रिसोर्स सेंटर में बेहतरीन सुविधाओं से लैस कंप्यूटर और दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए विशेष सुविधाएं हैं।

    लगातार पांच साल (2017 से 2021 तक) एनआइआरएफ रैंकिंग में नंबर एक की पायदान पर रहा काबिज

    साल 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते देशभर के उच्च शिक्षण संस्थान लंबे समय से बंद हैं। परीक्षा एवं पढ़ाई आनलाइन ही आयोजित की जाती रही। महामारी के कारण पढ़ाई के परंपरागत तरीकों में अचानक आए बदलावों के चलते कालेजों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शायद यही कारण था कि नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) पर पूरे अकादमिक जगत की निगाहें टिकी हुई थीं।

    साल 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी रैंकिंग में डीयू के मिरांडा हाउस कालेज ने कालेज श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया। लगातार पांचवें साल (2017 से 2021 तक) कालेज एनआइआरएफ रैंकिंग में नंबर एक की पायदान पर काबिज रहा। कोरोना काल में पढ़ाई के तौर तरीकों में बदलाव, रैंकिंग बरकरार रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों समेत विभिन्न मसलों पर प्राचार्य डा. बिजयलक्ष्मी नंदा ने बेबाकी से चीजों को बताया था।

    उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में कोई भी उपलब्धि कालेज के लिए बहुत मायने रखती है। इसका श्रेय टीम वर्क को जाता है। कालेज के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों ने कोरोना काल में बहुत सराहनीय कार्य किया। कालेज की छात्राओं ने पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर योगदान दिया।

    उन्होंने बताया कि सामंजस्य व निरंतरता सफलता की कुंजी है। पिछले साल हमने उन्नत भारत अभियान पर जोर दिया था। उसके बाद मल्टी-डिसिप्लिनरी लर्निंग, रिसर्च, आउटरीच गतिविधियों पर काफी ध्यान दिया। कोरोना काल में प्लेसमेंट क्षेत्र पर काफी ध्यान दिया गया।