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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनआइए पहुंची पलवल की मस्जिद में, कई अहम दस्तावेज लिए कब्जे में

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 03 Oct 2018 05:42 PM (IST)Updated: Thu, 04 Oct 2018 10:10 AM (IST)

पिछले महीने 26 सितंबर को NIA ने मेवात से दिल्ली के एक हवाला डीलर को गिरफ्तार किया था। आरोप है ...और पढ़ें

एनआइए पहुंची पलवल की मस्जिद में, कई अहम दस्तावेज लिए कब्जे में
एनआइए पहुंची पलवल की मस्जिद में, कई अहम दस्तावेज लिए कब्जे में

नई दिल्ली/मेवात (जेएनएन)। दिल्ली से बेहद करीब हरियाणा का पलवल जिला एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि पलवल की मस्जिदों और मदरसों में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा फंडिंग कर रहा है। इसके चलते राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) के रडार पर हरियाणा के कई मदरसे आ गए हैं। बता दें कि एनआईए ने कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों से टेरर फंडिंग मामले में कई गिरफ्तारियां की हैं। आतंकी सैयद सलाउद्दीन का बेटा भी इस मामले में गिरफ्तार हुआ था।

संदिग्ध आतंकी हाफिज सलमान की गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आई पलवल के उटावड़ क्षेत्र की मरकजी मस्जिद को आतंकी फंडिंग की आशंका पर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआइए) की टीम ने मस्जिद को चंदे से मिले धन से जुड़े रजिस्टर व बैंक दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं।

बुधवार को उटावड़ पहुंची एनआइए की चार सदस्यीय टीम ने हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में पांच घंटे तक मस्जिद परिसर में जांच- पड़ताल की और मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों के बयान लिए। रजिस्टर और बैंक खाते जब्त किए डीसीपी अशोक डागर की अगुआई में टीम ने सबसे पहले मस्जिद प्रबंधन कमेटी से जुड़े लोगों से निर्माण खर्च बजट का आंकलन किया।

बारीकी से रजिस्टरों को जांचा व चंदे के माध्यम से आई धनराशि व बैंक खातों का विवरण लिया। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान एनआइए ने एक रजिस्टर, दो पॉकेट डायरी तथा कुछ कागजातों को कब्जे में लिया है। दिल्ली से गिरफ्तार हुआ था सलमान मूल रूप से उटावड़ निवासी सलमान व उसके दो साथियों को एनआइए की टीम ने विदेशी फंडिंग के मामले में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह दिल्ली के निजामुद्दीन में रहता था। सलमान की ही देखरेख में उटावड़ मोड़ पर मस्जिद का निर्माण हो रहा था। निर्माण वर्ष 2010 में शुरू हुआ था।

आरोप है कि सलमान का संपर्क पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना हाफिज सईद द्वारा चलाए जा रहे संगठन के एक सदस्य से था, जो दुबई में रहता है। उससे सलमान की फोन पर बातें होती थीं। सूत्रों के अनुसार सलमान व उसके दो साथियों से पूछताछ में मस्जिद को दुबई निवासी उक्त व्यक्ति द्वारा फंडिंग करने की बात सामने आई, उसी के बाद टीम जांच के लिए पहुंची।

आलोक मित्तल (महानिरीक्षक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने बताया कि सलमान से पूछताछ के आधार पर जांच चल रही है। पलवल के गांव उटावड़ में बनाई गई मस्जिद में दुबई के एक नागरिक के माध्यम से पैसा लगाने की बात सामने आई है। छानबीन शुरू कर दी गई है। जल्द ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।  

यहां पर बता दें कि पिछले महीने 26 सितंबर को एनआइए ने मेवात से दिल्ली के एक हवाला डीलर को गिरफ्तार किया था। खुफिया एजेंसियों का आरोप है कि सलमान लश्कर के जुड़े पाकिस्तानी संगठन फलाह-ए-इंसानियत से फंड लेता था।

खुफिया सूचना पर 27 सितंबर को एनआइए ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। कार्रवाई के तहत दिल्ली के दरियागंज, निजामुद्दीन और कूचा घासीराम इलाके में एजेंसी ने छापा मारा था। इस छापे में टेरर फंडिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया था। 

गौरतलब है कि फलाह-ए-इंसानियत पाकिस्तान के लाहौर का एक संगठन है। इस जमात-उद-दावा ने स्थापित किया है और UAPA के अंतरगत आतंकी संगठन के श्रेणी में रखा गया है। NIA ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है।