गुरुग्राम, जेएनएन। दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में एक अल्पसंख्यक युवक से मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच से जुड़े अधिकारियों की मानें तो पूरी घटना के वीडियो को देखकर साफ लग रहा है कि इस मामले में पीड़ित के बयान और सीसीटीवी फुटेज मेल नहीं खा रहे हैं।

जैसा कि पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि 6 युवकों ने मारपीट कर जबरन जय श्रीराम के नारे लगवाए, जबकि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सिर्फ एक ही युवक हाथापाई कर रहा है। इसके बाद पास ही झाड़ू लगा रहे सफाईकर्मी ने दोनों को अलग किया और मामला शांत हो गया।

सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद से जैकबपुरा अपने कमरे पर जा रहे मुस्लिम समुदाय के एक युवक के साथ मारपीट की घटना सांप्रदायिक मामला नहीं है। मारपीट दूसरे समुदाय से संबंध रखने वाले एक ही युवक के साथ हुई थी, चार-पांच युवकों के साथ नहीं। आसपास के लोगों ने दोनों का झगड़ा छुड़ाया था। समझाने के बाद आरोपित चला गया था जबकि शिकायतकर्ता मौके पर ही था। उसने अपने जानकारों को फोन करके कहा कि चार-पांच लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इससे साफ है कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया गया। यह गुरुग्राम पुलिस की जांच में सामने आ चुका है। हालांकि पूरी सच्चाई आरोपित की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगी।

दरअसल, जैकबपुरा में किराये पर रहने वाले बिहार के बेगूसराय जिले के गांव हसनपुर निवासी मोहम्मद बरकत आलम की शिकायत है कि शनिवार रात जामा मस्जिद के नजदीक एक समुदाय के युवक ने कहा कि टोपी पहनकर कहां जा रहे हो? इसके बाद दोनों में मारपीट हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मारपीट के दौरान चार-पांच युवक थे लेकिन सीसीटीवी कैमरों में पाया गया कि एक युवक के साथ ही उसकी लड़ाई हुई थी। नजदीक तीन-चार लोग थे जिन्होंने दोनों को अलग किया था।

शिकायतकर्ता ने की पुलिस आयुक्त से मुलाकात

सोमवार को शिकायतकर्ता ने समाज के कुछ लोगों के साथ पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील से मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार किया जाएगा। कुछ लोगों का कहना है कि शराब के नशे में धुत्त एक युवक की शिकायतकर्ता के साथ मारपीट हुई थी। आसपास के लोगों के समझाने पर आरोपित चला गया था। ऐसी स्थिति में मामले को सांप्रदायिक रंग देना कहां तक उचित है?

राजीव यादव (सहायक पुलिस आयुक्त सिटी) का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों में साफ दिख रहा है कि एक ही युवक के साथ शिकायतकर्ता की लड़ाई हुई। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें बनाई गई हैं। इस मामले को गलत दिशा में ले जाना उचित नहीं। यह केवल दो युवकों के बीच का मामला है।

भाजपा ने मामले की निंदा

 गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक के साथ कुछ लोगों द्वारा की गई मारपीट की दिल्ली भाजपा ने निंदा की है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता का अपार समर्थन मिला, जिसका आधार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। कुछ लोग देश के उसी विश्वास को खंडित करने के लिए धर्म के नाम पर ऐसी अफवाह फैला रहे हैं जिससे कि मुस्लिम समुदाय के लोग डर जाएं। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। मोदी को सभी जाति, धर्म के लोगों ने देश के विकास के लिए अपना मतदान किया है। कुछ लोग साजिश के तहत इस तरह की घटना कराने के साथ ही इसे तोड़ मरोड़कर पेश कर सकते हैं। लोगों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है।

पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने भी समाज में इस घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि ‘गुरुग्राम में एक मुस्लिम व्यक्ति से टोपी उतारने, जय श्री राम का उद्घोष करने को कहा गया। यह निंदनीय है। अधिकारियों को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए जो एक मिसाल हो। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री आरपी सिंह ने गंभीर के ट्वीट पर कहा कि निश्चित रूप से यह निंदनीय घटना है, लेकिन जांच रिपोर्ट का हमें इंतजार करना चाहिए।

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