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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की बदहाली को लेकर AAP ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

Published: Sat, 04 Oct 2025 05:42 AM (IST)

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। मनीष सिसोदिया ...और पढ़ें

सरकारी अस्पतालों की बदहाली को लेकर आप ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
सरकारी अस्पतालों की बदहाली को लेकर आप ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

HighLights

  1. आप का भाजपा पर दिल्ली के अस्पतालों को लेकर हमला |
  2. अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और उपकरणों की कमी सिसोदिया |
  3. निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का आरोप |

राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में पनप रहीं व्यवस्थाओं से आम आदमी पार्टी को दिल्ली की भाजपा सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। लगातार किसी ने किसी मुद्दे पर सरकार को घेर रही आप ने अब सरकारी अस्पतालों की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर दिल्ली की भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला, कहा कि छह माह में भाजपा ने दिल्ली के अस्पतालों की दुर्दशा कर दी गई। कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा नहीं मिल रही है।

आज दिल्ली की जनता स्ट्रेचर और ग्लव्स तक के लिए तरस रही है। कहा कि ये वही दिल्ली है जहां अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए बड़ी मुश्किल से इन अस्पतालों को ठीक किया था और यह सुनिश्चित किया था कि किसी भी सरकारी अस्पताल में आम आदमी को दवाई बाहर से नहीं खरीदनी पड़े, लेकिन भाजपा ने छह महीनों में सब बर्बाद कर दिया।

वहीं एक प्रेसवार्ता में आप की दिल्ली इकाई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्राइवेट अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर रही है। यही वजह है कि जानबूझ कर सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण, ग्लव्स व दवाओं की कमी की जा रही है।

आप ने कहा है कि उधर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों द्वारा दवाइयों की खरीद पर रोक लगा रखी है ,अस्पताल अधीक्षकों को अपने स्तर पर दवा खरीद की अनुमति नहीं दी जा रही है। परिणाम स्वरूप सरकारी अस्पतालों में अव्यव्स्था हो रही है। आप ने आरोप लगाया कि भाजपा सुविधाओं का अभाव दिखाकर स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में देना चाहती है।