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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बस 90 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली से करनाल, नमो भारत कॉरिडोर के लिए होगा सड़क चौड़ीकरण

Published: Fri, 08 Aug 2025 08:34 AM (IST)

दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर के निर्माण से पहले एनसीआरटीसी ने सड़क चौड़ीकरण के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। 136 किमी लंबे कॉरिडोर ...और पढ़ें

दिल्ली-करनाल नमो भारत कारिडोर के लिए जल्द शुरू होगा सड़क के चौडीकरण का काम। फाइल फोटो
दिल्ली-करनाल नमो भारत कारिडोर के लिए जल्द शुरू होगा सड़क के चौडीकरण का काम। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर के लिए सड़क चौड़ीकरण |
  2. एनसीआरटीसी ने आमंत्रित की निविदाएं |
  3. दिल्ली से करनाल 90 मिनट में |

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। नमो भारत के दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को भले ही अभी तक केंद्र सरकार से स्वीकृति न मिली हो, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कॉरिडोर का निर्माण शुरू करने से पहले सड़क के चौड़ीकरण और जीर्णोद्धार के लिए तीन निविदाएं आमंत्रित की हैं।

अधिकारियों के मुताबिक जब 136 किमी लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर का निर्माण शुरू होगा, तो सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग या डायवर्ट करने की आवश्यकता पड़ सकती है। इस सूरत में यातायात के लिए कैरिजवे संकरा हो जाएगा।

लिहाजा व्यवधानों को कम करने और यातायात के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए, सड़क चौड़ीकरण की गतिविधियां निर्माण-पूर्व गतिविधि के रूप में पहले से ही की जाती हैं।

यह कदम यात्रियों की असुविधा को कम करने और निर्माण के दौरान आसान आवाजाही की सुविधा प्रदान करने में मदद करता है, जबकि बाद में यात्रियों के लिए चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराता है।

एक अधिकारी ने कहा, "कार्य के दायरे में सड़क के चौड़ीकरण और कार्पेटिंग, नई सड़क निर्माण और मरम्मत से संबंधित सभी सिविल कार्य शामिल हैं। इसमें आरसीसी नालियों का निर्माण और आरसीसी ह्यूम पाइप लगाना और बिछाना भी शामिल है।"

निविदा दस्तावेज़ में निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा बरती जाने वाली सभी सावधानियों और सुरक्षा उपायों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। ठेकेदार मैनुअल के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार होगा।

मालूम हो कि आरआरटीएस कॉरिडोर का लगभग 100 किमी का काम हरियाणा में होना है, जबकि बाकी 36 किमी दिल्ली से होकर गुजरता है। एनसीआरटीसी ने पूरे 136 किलोमीटर के हिस्से को तीन खंडों में विभाजित किया है और तेज़ व कुशल कार्य के लिए प्रत्येक खंड के लिए अलग-अलग बोलियां आमंत्रित की हैं।

पहला खंड सराय काले खां और अलीपुर के बीच, दूसरा अलीपुर और समालखा से पहले के बीच और तीसरा खंड समालखा और करनाल न्यू आईएसबीटी के बीच है।

जब यह नमो भारत कॉरिडोर पूरा हो जाएगा, तो यात्री दिल्ली से हरियाणा के करनाल तक केवल 90 मिनट में, कश्मीरी गेट से मुरथल तक 30 मिनट में, इंद्रप्रस्थ से सोनीपत तक केवल 35 मिनट में और कश्मीरी गेट से पानीपत तक एक घंटे में यात्रा कर सकेंगे।

प्रस्तावित कॉरिडोर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर करनाल के न्यू आईएसबीटी पर समाप्त होगा, जिसके 18 में से सात स्टेशन राष्ट्रीय राजधानी में होंगे।

सराय काले खां के अलावा, दिल्ली के अन्य स्टेशन इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, झड़ौदा कलां, भलस्वा चौक, अलीपुर और नरेला हैं। परिचालन को सहयोग देने के लिए मुरथल और गंजबार में एक-एक डिपो बनाने की योजना बनाई गई है।