Delhi में चाणक्यपुरी से एयरफोर्स ऑफिसर्स मेस तक फैला आम का जादू, फल-उल्लास का दिखा अनूठा संगम
इस सप्ताह दिल्ली में आम महोत्सव का आयोजन किया गया जिससे शहर मैंगो कैपिटल बन गया। चाणक्यपुरी और इंडिया गेट के पास आमों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें विभिन्न प्रकार के आमों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने जैविक खेती के बारे में जानकारी दी और बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें सबने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इस सप्ताह दिल्ली ने आमों की ऐसी खुशबू ओढ़ी कि पूरे शहर को मैंगो कैपिटल में बदल दिया। चाणक्यपुरी के एनडीएमसी सभागार में आयोजित दो दिवसीय आम महोत्सव का रविवार को रंगारंग समापन हुआ।
वहीं, दूसरी तरफ इंडिया गेट के समीप आकाश एयर फोर्स आफिसर मेस में जीबी पंत यूनिवर्सिटी और जीबीआर फाउंडेशन के सहयोग से विशिष्ट आमों की प्रदर्शनी सजाई गई। दोनों कार्यक्रमों ने स्वाद, संस्कृति और विज्ञान का संगम रचते हुए हजारों दर्शकों को आम- रस में सराबोर किया।
एयर फोर्स मैस में सैन्य गरिमा और फल-उल्लास का अनूठा संगम दिखा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वीसी डा. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि उनके बागानों में 236 और देश भर में लगभग 1200 किस्में संरक्षित हैं। जिनमें से कई का व्यावसायिक मूल्यांकन चल रहा है।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित सहित शीर्ष अधिकारी परिवार के साथ जीबी पंतनगर यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित 45 किस्मों के आम रसास्वादन करने पहुंचे। इसमें अंगूर लता, टोमी एटकिंस, पंत सिंदुरी, वनराज और सेंसेशन तक हर फल की कहानी वैज्ञानिकों ने विस्तार से सुनाई।
चाणक्यपुरी सभागार में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, तोतापरी, अल्फांसो, मल्लिका जैसी देशी किस्मों से लेकर मिस्र के ‘केंट’ मैक्सिको के ‘हेडन’ और थाईलैंड के नम डोक माई तक की विदेशी प्रजातियों ने अपनी सुगंध बिखेर।
वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, आंध्र, महाराष्ट्र और गुजरात से आए किसानों ने दर्शकों को आम की विशेषता बताई और जैविक खेती की तकनीकों के लाइव डेमो भी दिया। आम महोत्सव के समापन पर व्यंजन प्रतियोगिता, बच्चों की चित्रकला कार्यशाला और मैंगो प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
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