मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ कानून के खिलाफ किया प्रदर्शन स्थगित, आतंकी हमले को लेकर कह दी बड़ी बात
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की मुस्लिम संगठनों ने कड़ी निंदा की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हमले के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की। बोर्ड ने वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया है। मुस्लिम नेताओं ने इस घटना को दुखद और निंदनीय बताया है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के खिलाफ देश के विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई है और हमले की निंदा करते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाले इंसान नहीं बल्कि हैवान हैं।
इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। आतंकवाद एक नासूर है जो इस्लाम की शांतिप्रिय नीति के खिलाफ है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि जमीयत धर्म के नाम पर किए जाने वाले आपराधिक कृत्यों को देश और समाज की शांति और स्थिरता के लिए बेहद खतरनाक मानती है।
मुस्लिमों ने दिखाई एकजुटता
इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाते हुए नए वक्फ कानून के खिलाफ अपने चल रहे विरोध प्रदर्शन को तीन दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला किया है।
एआईएमपीएलबी के तहत वक्फ की सुरक्षा के लिए मजलिस-ए-अमल के राष्ट्रीय संयोजक एसक्यूआर इलियास ने एक बयान में कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला बेहद दुखद और निंदनीय है। इसलिए बोर्ड ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करने के लिए वक्फ सुरक्षा अभियान के तहत अपने विरोध कार्यक्रमों को 23 अप्रैल से तीन दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला किया है।
निर्दोष लोगों की मौत बेहद दुखद
मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने भी आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि विदेशी पर्यटकों समेत निर्दोष लोगों की मौत बेहद दुखद है। इस तरह के बर्बर कृत्य को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सिटीजन्स फॉर फ्रेटरनिटी की ओर से पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल डॉ. नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरुद्दीन शाह, उद्योगपति सैयद मुस्तफा शेरवानी और पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी ने इस जघन्य आतंकवादी हमले में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।