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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तहव्वुर राणा ने बनाई थी दिल्ली में भी हमले की योजना, भारत से बाहर रची थी साजिश; NIA जांच में खुलासा

Published: Mon, 14 Apr 2025 09:08 PM (IST)

पटियाला हाउस कोर्ट के अनुसार 26/11 के मुंबई हमलों में दिल्ली भी आतंकियों के निशाने पर थी। तहव्वुर राणा ने ...और पढ़ें

26/11 जैसे हमलों के लिए मुंबई के साथ दिल्ली भी थी आतंकियों के निशाने पर।
26/11 जैसे हमलों के लिए मुंबई के साथ दिल्ली भी थी आतंकियों के निशाने पर।

पीटीआई, नई दिल्ली। मुंबई में हुए 26/11 में दिल्ली भी आतंकी साजिश का हिस्सा थी। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने नोट किया कि प्रत्यर्पण करके भारत लाए गए मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा ने 26/11 जैसे हमलों के लिए मुंबई ही नहीं नई दिल्ली की भी पहचान की थी और यह भारत की सीमाओं से दूर रची गई आतंकी साजिश का हिस्सा था।

विशेष एनआईए न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने 10 अप्रैल को पारित एक आदेश में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत सामग्री यह कहने के लिए पर्याप्त है कि वर्तमान मामले में आरोप राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित हैं।

साजिश भारत की भौगोलिक सीमाओं से परे रची गई

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि रिकॉर्ड में प्रस्तुत सामग्री से पता चलता है कि विचाराधीन साजिश भारत की भौगोलिक सीमाओं से परे रची गई थी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित भारत के कई शहरों में विभिन्न स्थानों को आतंकी वारदात के लिए पहचान करने की कोशिश की गई थी।

अदालत ने कहा कि मामले की जड़ तक पहुंचने व गहरी साजिश में निहित तथ्यों को उजागर करने के लिए तहव्वुर राणा को कस्टडी में पूछताछ की आवश्यकता है।

विभिन्न सामग्रियों के साथ सामना कराया जाना चाहिए

तहव्वुर राणा को 18 दिन के कस्टडी में भेजने का आदेश देते हुए अदालत ने कहा कि जांच के दौरान जब्त किए गए फोरेंसिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ-साथ आरोपित और उसके साथियों द्वारा की गई यात्राओं से संबंधित सामग्री के साथ उसका सामना कराया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा कि रिकार्ड पर पेश की गई सामग्री से पता चलता है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और जांच एजेंसी को मामले की गहन जांच करने का उचित मौका मिलना चाहिए ताकि अदालत के सामने समग्र तरीके से पूरे तथ्य पेश किए जा सकें।

राणा अमेरिकी नागरिक हेडली का करीबी सहयोगी

64 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ता व अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है। चार अप्रैल को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसके प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी समीक्षा याचिका खारिज कर दी गई थी और इसके बाद उसे भारत प्रत्यर्पण किया गया था।

26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों के समुद्री मार्ग से मुंबई में प्रवेश करके रेलवे स्टेशन, लक्जरी होटल समेत अन्य जगह हमला किया था। इसमें 166 लोग मारे गए थे, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।

राणा को दी जाए चिकित्सा सुविधा

प्रत्यर्पण कार्यवाही में दिए गए आश्वासन के तर्क पर भी गौर करते हुए अदालत ने एनआइए को हर 48 घंटे में तहव्वुर राणा की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि क्योेंकि आरोपित को कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, ऐसे में आरोपित को उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए।

क्राइम सीन री-क्रिएट कर सकती है एनआईए

अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एक साथ जोड़ने और 17 साल पहले की घटनाओं को फिर से जानने के लिए जांच एजेंसी तहव्वुर राणा को महत्वपूर्ण स्थानों पर ले जा सकते हैं। ताकि उन्हें क्राइम सीन री-क्रिएट करने और बड़े आतंकी नेटवर्क के बारे में गहन जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सके।

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