नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। पहाड़ों पर हिमपात के चलते दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में ठिठुरन बढ़ गई है। इसके साथ-साथ लगातार जारी शीतलहर ने ठंड को और बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में मंगवलार को भी दिल्ली-एनसीआर के लोगों की सुबह भीषण ठंड के साथ हुई। इसके साथ मंगलवार सुबह कोहरे ने भी परेशान किया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शीतलहर जारी रहने के कारण मंगलवार और बुधवार को भी कमोबेश पिछले कुछ दिनों की जैसी ही मौसमी स्थितियां बनी रहेंगी। यानी ठंड अभी जारी रहेगी। भीषण ठंड के मद्देनजर मौसम विभाग ने मंगलवार के साथ बुधवार के लिए भी यलो अलर्ट भी जारी किया है। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। दिल्ली में मंगलवार को सीजन की सर्वाधिक ठंडा दिन दर्ज किया गया। ढाई बजे दिल्ली में अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से माइनस 9 डिग्री सेल्सियस कम सहा।  यह सामान्य से -9 डिग्री सेल्सियस कम है।

मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार के साथ बुधवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। सुबह मध्यम श्रेणी का कोहरा होगा। ठिठुरन वाले ठंडे दिन की स्थिति भी बरकरार रहेगी। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 16 और आठ डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

वहीं, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आरके जैनामणि ने बताया कि सर्द दिन की स्थिति बनने के पीछे मुख्य वजह बादल हैं, जो धूप को धरती तक पहुंचने नहीं दे रहे हैं। 27 जनवरी से आसमान साफ होगा, तभी ठिठुरन भरी ठंड से राहत मिलने की संभावना है।

इससे पहले दिल्लीवासियों को ठिठुरन भरी ठंड से सोमवार को भी निजात नहीं मिली। दिनभर बादल छाए रहे। बीच-बीच में सूर्यदेव के दर्शन तो हुए, लेकिन धूप नहीं के बराबर ही खिली। ऐसे में दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री कम होने के कारण ठंडे दिन वाली स्थिति बनी रही। सुबह कोहरे ने भी परेशान किया। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 14.8 डिग्री सेल्सियस (डिसे), जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर 8.0 डिसे दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 74 से 100 प्रतिशत रहा। अधिकतम तापमान के सात डिग्री कम होने पर सोमवार को भी ठिठुरन भरे ठंडे दिन की श्रेणी में रखा गया है। पालम, लोधी रोड, रिज, आयानगर, जाफरपुर, नरेला और मयूर विहार में भी ठिठुरन भरा ठंडा दिन रहा। कोहरे के कारण पालम में सुबह साढ़े सात बजे तक दृश्यता का स्तर 1,000 मीटर और सफदरजंग पर 800 मीटर रहा। अधिकतम तापमान 13.5 डिसे और न्यूनतम तापमान 5.6 डिसे, दोनों दृष्टि से नरेला सबसे ठंडा इलाका रहा।

Edited By: Jp Yadav