पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी को ब्रांड अंबेसडर बनाने पर महापौर का एतराज
कुछ पार्षदों ने महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल के समक्ष शंटी को ब्रांड अंबेसडर बनाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद महापौर ने निगमायुक्त विकास आनंद को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने तुरंत प्रभाव से जितेंद्र सिंह शंटी को ब्रांड अंबेसडर से हटाने के लिए कहा है।

नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। पदमश्री पुरस्कार विजेता और शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक जितेंद्र सिंह शंटी को एक दिन पहले पूर्वी निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के लिए ब्रांड अंबेसडर घोषित किया था। लेकिन, इस पर विवाद हो गया। कुछ पार्षदों ने महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल के समक्ष शंटी को ब्रांड अंबेसडर बनाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद महापौर ने निगमायुक्त विकास आनंद को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने तुरंत प्रभाव से जितेंद्र सिंह शंटी को ब्रांड अंबेसडर से हटाने के लिए कहा है। हालांकि, निगमायुक्त की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
इस कारण हो रहा विरोध
जानकारी के मुताबिक, निगम के इस फैसले के बाद कुछ पार्षद एक वीडियो के साथ महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल से मिले। उक्त वीडियो करीब डेढ़ महीने पुराना है। इसमें विवेक विहार में निगम का दस्ता अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए पहुंचा था। इसका जितेंद्र सिंह शंटी ने विरोध किया था। इस दौरान उन्होंने निगम के खिलाफ हाय-हाय के नारे भी लगवाए। इन पार्षदों का कहना था कि जो व्यक्ति निगम के खिलाफ नारेबाजी कर रहा था उन्हें पूर्वी निगम का ब्रांड अंबेसडर कैसे बनाया जा सकता है।
महापौर ने निगमायुक्त को लिखा पत्र
इसके बाद महापौर ने निगमायुक्त को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने इस पर भी आपत्ति जताई है कि बिना उनसे सलाह-मशविरा किए ये फैसला लिया गया। उन्होंने लिखा है कि हम सभी जनता की भलाई के लिए कार्य करते हैं। मेरा मानना है कि जनहित से संबंधित ऐसे फैसले लेते समय महापौर से भी इस पर विचार-विमर्श होना चाहिए था, जो कि नहीं हुआ। उन्होंने लिखा कि निगम के खिलाफ नारेबाजी करने वाले को ब्रांड अंबेसडर के रूप में चयन का निर्णय उचित नहीं है।
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