Delhi: फर्जी बैंक गारंटी के जरिए इतनी बड़ी कंपनी से ठगे गए करोड़ों रुपये, आरोपी गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बताया कि इंटेक्स टेक्नोलाजीस इंडिया ने पुलिस से ठगी शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने अधिकारी को बताया कि 18 नवंबर 2016 को उनकी बैठक टीएसएन इकोटेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी एमडी मोहम्मद सिराजुद्दीन से हुई। डील के दौरान एसबीआइ से तीन करोड़ लोन की गारंटी के पेपर दे दिए गए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने 2.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सुलझाते हुए जयपुर से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कार्तिगेन गोपाल के रूप में हुई है, जिसने मोबाइल कंपनी इंटेक्स टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड के साथ 2.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
गिरफ्तार आरोपी इंजीनियर है, जिस पर फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर एक निजी कंपनी के जरिए इंटेक्स से 4.84 करोड़ रुपये का माल हासिल करने का आरोप है।
बैंक गारंटी के कागजात थमाए
कुछ भुगतान करने के बाद निजी कंपनी टीएसएन इकोटेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने 2.19 करोड़ रुपए देने से मना कर दिया। माल की डिलीवरी करते समय कार्तिगेयन ने पीड़ित कंपनी को एसबीआई बैंक की 3 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी के कागजात थमा दिए। जब पूरा भुगतान नहीं हुआ तो बैंक गारंटी भुनाने का प्रयास किया गया लेकिन गारंटी फर्जी निकली।
जयपुर से हुआ गिरफ्तार
इसके बाद पहले ओखला इंडिस्ट्रयल एरिया थाने में शिकायत दी गई। बाद में मामला ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुआ। पुलिस ने आरोपित को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कार्तिग्येन के खिलाफ इसी तरह के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। इसमें दो चेन्नई और एक जयपुर में दर्ज हैं।
कंपनी ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई
आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बताया कि इंटेक्स टेक्नोलाजीस इंडिया ने पुलिस से ठगी शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने बताया कि 18 नवंबर 2016 को उनकी बैठक टीएसएन इकोटेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी एमडी मोहम्मद सिराजुद्दीन से हुई। डील के दौरान एसबीआइ से तीन करोड़ लोन की गारंटी के पेपर दे दिए गए।
दो महीने में 4.84 करोड़ का माल दिए
इसके बाद 18 नवंबर 2016 से 5 जनवरी 2017 तक इंटेक्स ने इनकी कंपनी को 4.84 करोड़ का माल दे दिया। कुछ समय माल की पैमेंट करने के बाद कंपनी ने इंटेक्स को पैमेंट रोक दी। करीब 2.19 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया गया। बाद में बैंक गारंटी के भी फर्जी होने का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
आरोपी ने टीएसएन से 32 लाख रुपये खाते में लिए
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कार्तिग्येन ने टीएसएन से 32 लाख रुपये अपने खाते में लिए। बाकी रकम मोहम्मद सिराजुद्दीन के खाते से आई। पुलिस ने कार्तिग्येन को जांच में शामिल होने के नोटिस दिए, लेकिन वह फरार हो गया।
एक जानकारी जुटाने के बाद उसे 30 जनवरी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। जयपुर के अलावा हैदराबाद में उसका अपना मकान है। कार्तिग्येन के खिलाफ जयपुर और चेन्नई में ठगी तीन मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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